
डिजिटल भुगतान में सतर्कता जरूरी,
कॉलेज विद्यार्थियों को बताए साइबर ठगी से बचाव के उपाय
रिपोर्टर – नवनीत राय ‘रुचिर’, सोजत
सोजत। स्थानीय राजकीय महाविद्यालय में बुधवार को डिजिटल भुगतान एवं वित्तीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्राचार्य डॉ. महेन्द्र सिंह राजपुरोहित के निर्देशन में हुए कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं महाविद्यालय स्टाफ को सुरक्षित डिजिटल लेन-देन, बैंकिंग सेवाओं और वित्तीय साक्षरता की जानकारी दी गई। साथ ही ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम का संचालन जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक कैलाश नारायण मीणा, भारतीय स्टेट बैंक के सचिन सांखला एवं क्रिसिल फाउंडेशन के अभिषेक परिहार ने किया। उन्होंने यूपीआई, क्यूआर कोड, ऑनलाइन बैंकिंग तथा डिजिटल भुगतान के सुरक्षित उपयोग के तरीके समझाए। साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी और म्यूल अकाउंट से जुड़े जोखिमों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
वक्ताओं ने विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को समझाया कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पिन, पासवर्ड अथवा बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत करने की प्रक्रिया भी बताई गई।
प्राचार्य डॉ. महेन्द्र सिंह राजपुरोहित एवं कार्यक्रम प्रभारी सेठा राम ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में विद्यार्थियों और कर्मचारियों का वित्तीय एवं डिजिटल रूप से जागरूक होना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से सुरक्षित डिजिटल लेन-देन अपनाने तथा परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में मुकेश चौधरी, सौरभ, गणपत सिंह सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।









