आस्था और नगर गौरव के रंगों से सजी सेजल माता की शोभायात्रा

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आस्था और नगर गौरव के रंगों से सजी सेजल माता की शोभायात्रा

सोजत के स्थापना के 973वें वर्ष में प्रवेश पर आयोजन, परंपरा के अनुसार एक दिन के लिए दुर्ग में पधारीं अधिष्ठात्री देवी

रिपोर्टर – नवनीत राय ‘रुचिर’

सोजत। मेहंदी की महक और गौरवशाली विरासत से विशिष्ट पहचान रखने वाली ऐतिहासिक नगरी सोजत मंगलवार को आस्था और नगर गौरव के उल्लास में रंगी नजर आई। नगर के स्थापना के 973वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर श्री सेजल माता नवयुवक मंडल की ओर से अधिष्ठात्री देवी सेजल माता की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में प्राचीन परंपरा का निर्वहन करते हुए माता एक दिन के लिए ऐतिहासिक दुर्ग में पधारीं। माता की इस प्रतीकात्मक घर वापसी ने नगरवासियों की श्रद्धा और अपनी विरासत के प्रति अनुराग को साकार कर दिया।

नयापुरा स्थित कुम्हारवाड़े से दोपहर बाद बैंड-बाजों की मधुर धुनों के साथ शोभायात्रा रवाना हुई। सबसे आगे घोड़े पर विराजित सेजल माता का प्रतीकात्मक स्वरूप रहा। कलश लिए बालिका की सहभागिता ने यात्रा की धार्मिक गरिमा बढ़ाई। वीरांगना बालिकाओं ने आकर्षक करतब दिखाए।अलग-अलग रथों पर संत प्रवर ओमजी आचार्य एवं संत मंडली विराजमान रहे। वहीं, महादेव सहित अन्य धार्मिक झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। शोभा यात्रा में सेजल माता मंदिर से लाई ज्योति से किले में बने मंदिर में महाआरती की गई।

डीजे पर बजती धुनों के साथ युवाओं की टोलियां नृत्य करते हुए आगे बढ़ीं। नगर के गणमान्यजनों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा में भाग लिया। धार्मिक झांकियों, संगीत और श्रद्धालुओं के उत्साह से यात्रा मार्ग पर उत्सवी वातावरण बना रहा। ऐतिहासिक दुर्ग में परंपरागत आगमन के पश्चात शोभायात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होकर पुनः सेजल माता मंदिर पहुंची।

आयोजन में श्री सेजल माता नवयुवक मंडल के अध्यक्ष भीकाराम प्रजापत, सचिव एडवोकेट राजाराम प्रजापत, डॉ. ओमप्रकाश प्रजापत, मिश्रीलाल प्रजापत एवं मंगलाराम प्रजापत आदि ने अहम भूमिका निभाई। उल्लेखनीय है कि नवरात्रि से आरंभ हुए इस धार्मिक आयोजन के अंतर्गत नौ दिनों तक प्रतिरात्रि सेजल माता मंदिर में जागरण एवं भजन कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी भक्ति परंपरा के क्रम में निकली शोभायात्रा ने नगर के स्थापना उत्सव को श्रद्धा और सांस्कृतिक गौरव से जोड़ दिया।

शोभा यात्रा का ऐतिहासिक दुर्ग के पास सोजत महोत्सव समिति के प्रमुख पुष्पतराज मुणोत, सचिव चेतन व्यास, समाजसेवी ताराचंद सैनी, गोरधन लाल गहलोत, पार्षद गंगासिंह सांखला, पार्षद कैलाश चाँवला, वयोवृद्ध शिक्षक विजय सिंह चौहान, बहादुर सिंह चौहान, जगदीश पाराशर, अशोक सैन, श्याम सिंह चौहान, रशीद गौरी, ऋतुराज सिंह चौहान आदि द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।

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