भाजपा ने कायम रखी पालिका बोर्ड की कुर्सी
मेहंदी नगरी में चढ़ा ‘कीर्ति’ का रंग, 40 में से 25 मत पाकर बनीं अध्यक्ष
रिपोर्टर – नवनीत राय ‘रुचिर’, सोजत

सोजत। सोजत सिटी में एक बार फिर नगरपालिका बोर्ड की कमान भारतीय जनता पार्टी के हाथों में आ गई। सोमवार को हुए नगरपालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी कीर्ति राजेश तंवर ने 25 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। कांग्रेस प्रत्याशी बालमुकुंद गहलोत को 9 तथा निर्दलीय प्रत्याशी ऐश्वर्या सांखला को 6 मत मिले।
चालीस सदस्यीय नगरपालिका बोर्ड में भाजपा के 24 निर्वाचित पार्षद हैं। अध्यक्षीय चुनाव से पूर्व चार निर्दलीय पार्षद भी भाजपा को अपना समर्थन दे चुके थे। इससे भाजपा समर्थक पार्षदों की संख्या 28 तक पहुंच गई थी। दूसरी ओर कांग्रेस के पास अपने निर्धारित 10 पार्षद थे, जबकि चुनाव से पहले निर्दलीय प्रत्याशी ऐश्वर्या सांखला के साथ एक अन्य पार्षद नजर आ रहा था। इस संख्या-गणित ने भाजपा को पहले से ही स्पष्ट बढ़त दे रखी थी।
हालांकि गुप्त मतदान के बाद सामने आए परिणामों ने राजनीतिक चर्चाओं को नया मोड़ दे दिया। भाजपा समर्थक पार्षदों की संख्या 28 बताई जा रही थी, लेकिन कीर्ति तंवर को 25 मत ही मिले। वहीं कांग्रेस के 10 पार्षद होने के बावजूद उसके प्रत्याशी बालमुकुंद गहलोत को 9 मत मिले, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी ऐश्वर्या सांखला के खाते में 6 मत आए। मतदान गोपनीय होने के कारण यह स्पष्ट नहीं हो सका कि किस खेमे के मतों में सेंध लगी, लेकिन परिणामों ने शहर के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया।
नगरपालिका चुनाव के रिटर्निंग अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी रवि प्रकाश ने जैसे ही परिणाम की घोषणा की, भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। समर्थकों ने कीर्ति तंवर को मिठाई खिलाकर जीत की बधाई दी। नगरपालिका परिसर के बाहर कार्यकर्ताओं ने ‘कीर्ति तंवर जिंदाबाद’ के नारे लगाए तथा जगह-जगह पटाखे छोड़कर विजय का जश्न मनाया।
इस अवसर पर राजस्थान सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण दवे, विधायक श्रीमती शोभा चौहान, चुनाव पर्यवेक्षक अर्जुनराम पुरोहित व भंवरलाल सेणचा तथा भाजपा कोर कमेटी के प्रमुख आनंद भाटी सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष कीर्ति तंवर को बधाई व शुभकामनाएं दीं। नेताओं ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में सोजत नगर के विकास को नई गति मिलेगी।
दूसरी ओर कांग्रेस एवं निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थकों ने भी चुनाव परिणाम को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा मानते हुए स्वीकार किया। मतदान एवं मतगणना की प्रक्रिया के दौरान तीनों प्रत्याशी और उनके प्रतिनिधि मौजूद रहे।
गत 14 सितंबर को पार्षद चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद से ही शहरवासियों को नगरपालिका अध्यक्ष के चुनाव का बेसब्री से इंतजार था। सोमवार सुबह से नगरपालिका कार्यालय के आसपास लोगों की आवाजाही शुरू हो गई और दोपहर तक बड़ी संख्या में नागरिक परिणाम जानने के लिए एकत्र हो गए। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने पुख्ता प्रबंध किए तथा नगरपालिका परिसर के बाहर बैरिकेडिंग कर भीड़ को नियंत्रित किया।










