चौदह स्वप्नों के वर्णन संग गूंजे प्रभु जन्म के मंगल स्वर
रिपोर्टर – नवनीत राय ‘रुचिर’, सोजत
सोजत। श्री शांति वर्धमान जैन ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित अष्टाह्निका व्याख्यान के अंतर्गत पर्युषण महापर्व का पांचवां दिन श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्रवचन में भगवान महावीर की माता त्रिशला द्वारा देखे गए चौदह मंगल स्वप्नों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए उनके आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला गया।
ट्रस्ट सचिव संजय संचेती ने बताया कि दोपहर में आराधना भवन में भगवान महावीर स्वामी के जन्म वांचन का आयोजन हुआ। इस दौरान चौदह स्वप्नों के चढ़ावे बोले गए, जिनमें संघ के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी श्रद्धा अभिव्यक्त की। प्रभु जन्म वांचन के मंगल प्रसंग से आराधना भवन का वातावरण भक्ति और आनंद से सराबोर हो उठा।
इससे पूर्व प्रातः श्री महावीर स्वामी मंदिर एवं श्री विमलनाथ भगवान मंदिर में विधि-विधानपूर्वक स्नात्र पूजा पढ़ाई गई। वहीं, संध्याकाल में श्री महावीर स्वामी मंदिर और श्री विमलनाथ भगवान मंदिर सहित नगर के समस्त जिनालयों में आकर्षक अंगरचना की गई।
शुक्रवार रात्रि में श्री महावीर स्वामी मंदिर में दीपकों की मनोहारी रोशनी के बीच प्रभु भक्ति-भावना का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों और स्तवनों के माध्यम से प्रभु की आराधना की, जिससे पूरा मंदिर परिसर धर्ममय हो गया।










