पाली में अखिल भारतीय साहित्य परिषद ने मनाया गुरु पूर्णिमा महोत्सव

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पाली में अखिल भारतीय साहित्य परिषद ने मनाया गुरु पूर्णिमा महोत्सव

जीवन में गुरु का स्थान सर्वोच्च होता हैः माथुर

पाली। अखिल भारतीय साहित्य परिषद पाली द्वारा शहर के पुनायता रोड स्थित मधुरम विद्या मंदिर सीनियर सैकंडरी स्कूल शेखावत नगर में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गुरु वंदन एवं सम्मान समारोह का आयोजन श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ किया गया। जिलाध्यक्ष भंवरसिंह राठौड़ चोटिला ने बताया कि संत सानिध्य प्रदान करते हुए इस्काॅन मंदिर प्रमुख कार्तिक कृष्ण प्रभु ने मंगलाचरण से आशीर्वाद दिया।

कार्यक्रम में अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पाली विभाग संचालक सुरेश चन्द्र माथुर ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। गुरु ही व्यक्ति के जीवन को ज्ञान, संस्कार एवं चरित्र से आलोकित कर राष्ट्र निर्माण की दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से गुरुजनों के आदर्शों का अनुसरण करते हुए जीवन में श्रेष्ठ मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।

कल्पवृक्ष साहित्य संस्थान अध्यक्ष पवन पाण्डेय ने गुरु-शिष्य परंपरा का महत्व बताते हुए कहा कि गुरु के मार्गदर्शन से ही आध्यात्मिक उन्नति एवं जीवन का वास्तविक उद्देश्य प्राप्त होता है। रतन सिंह राजपुरोहित ने गुरु पूर्णिमा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों से जुड़े रहने की प्रेरणा दी।

विद्यालय परिवार की ओर से दलपत सिंह, हिम्मत सिंह ने अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया। विद्यार्थियों ने गुरु वंदना के माध्यम से गुरुजनों के प्रति अपनी श्रद्धा एवं कृतज्ञता व्यक्त की, जिससे पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण बन गया। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने गुरुजनों के बताए आदर्श मार्ग पर चलने एवं भारतीय संस्कृति के मूल्यों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। समारोह में विद्यालय परिवार, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

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