गुरु पूर्णिमा पर केवल अपरोक्ष आश्रम में उमड़ा आस्था का सैलाब
गुरु पूजन, सत्संग, भजन-कीर्तन और विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने लिया पुण्य लाभ
सोजत। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर मंगलवार को सोजत स्थित केवल अपरोक्ष आश्रम श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना रहा। सुबह से ही आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। “गुरु बिन ज्ञान न होय” और गुरु वंदना के जयघोषों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गुरु पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा गुरु परंपरा के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा व्यक्त की।
कार्यक्रम का शुभारंभ महामण्डलेश्वर डॉ. आचार्य ओम महाराज, प्रदेशाध्यक्ष षड्दर्शन साधु समाज एवं अखिल भारतीय सनातन धर्म रक्षा समिति के सान्निध्य में हुआ। उन्होंने आश्रम के संस्थापक महामण्डलेश्वर केवलरामजी महाराज की समाधि पर विधिवत पूजा-अर्चना कर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दीप प्रज्ज्वलित किया तथा गुरु परंपरा को नमन किया। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने गुरुदेव की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
सत्संग को संबोधित करते हुए महामण्डलेश्वर डॉ. आचार्य ओम महाराज ने कहा कि गुरु ही अज्ञान रूपी अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाने वाले सच्चे मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि गुरु की सेवा, उनके प्रति समर्पण और उनके बताए मार्ग पर चलना ही वास्तविक गुरु दक्षिणा है। संत वाणी से उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरे परिसर में आध्यात्मिक चेतना का वातावरण व्याप्त हो गया।
दिनभर आश्रम में भजन-कीर्तन का सिलसिला चलता रहा। ढोलक, मंजीरे और मधुर भजनों की स्वर-लहरियों पर श्रद्धालु झूम उठे। महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ भक्ति कार्यक्रमों में सहभागिता निभाई।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित विशाल भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शीतल पेयजल, बैठक व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। आश्रम समिति के पदाधिकारियों एवं सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने पूरे दिन समर्पित भाव से सेवाएं देकर आयोजन को सफल बनाया।
इस अवसर पर पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी शोभा सोलंकी, शंकरलाल बामणिया, भीकाराम सोलंकी, गणपत भाटी, हितेश सोनी, बुधाराम गुजर, सुजाराम करेला, ताराराम राठौड़, चंपालाल गढ़वाली, भगवानी गढ़वानी, दानाराम भाटी, ताराराम बोस, हीरालाल प्रजापत सहित अनेक संत-महात्मा, गणमान्य नागरिक, महिलाएं, युवा एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
देर शाम तक आश्रम परिसर दीपों की जगमगाहट, गुरु स्तुति और भक्ति संगीत से आलोकित रहा। आयोजकों ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गुरु पूर्णिमा महोत्सव में श्रद्धालुओं की संख्या उल्लेखनीय रही, जो गुरु परंपरा के प्रति लोगों की गहरी आस्था का परिचायक है।









