जयपुर। राजस्थान सरकार द्वारा पेश किए गए बजट 2026-27 को युवा वर्ग के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। बजट में स्वरोजगार, कौशल विकास, तकनीकी प्रशिक्षण और डिजिटल शिक्षा को केंद्र में रखते हुए कई बड़ी घोषणाएँ की गई हैं।
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत युवाओं को 10 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त लोन देने की घोषणा की गई है। इस योजना से लगभग 30 हजार से 1 लाख युवाओं को लाभ मिलने की संभावना है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें रोजगार के नए अवसर प्रदान करना है।
कॉलेज विद्यार्थियों के लिए “ड्रीम प्रोग्राम” शुरू किया जाएगा, जिससे करीब 50 हजार छात्रों को लाभ मिलेगा। साथ ही युवाओं के लिए अंग्रेजी, जापानी और कोरियन भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे, जिससे वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के लिए राज्य में टेक्नो हब स्थापित किए जाएंगे, जिन पर लगभग 30 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए राजस्थान टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना की जाएगी।
शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने कक्षा 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्रों को लगभग 20 हजार रुपये का डिजिटल वाउचर देने की घोषणा की है, जिससे वे लैपटॉप या टैबलेट खरीद सकेंगे।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के जय सिंह सांखला ने कहा,
“राजस्थान का यह बजट युवाओं को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। स्वरोजगार, कौशल विकास और डिजिटल सहायता की योजनाएँ प्रदेश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को नई दिशा देंगी।”









