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सोजत। सोजत 23 जुलाई से शुरू हुई बारीश थमने के बाद अब सोजत में एक नई समस्या ने प्रशासन एवं नगरवासियों की नींद उड़ाकर रख दी है भारी भरकम पीपल के पेड के गिरने से सोजत की पुरानी स्कूल राउप्रावि नंबर 2 कोट का मौहल्ला के क्षतिग्रस्त कक्षा कक्ष कभी भी गिर सकते हैं एवं कोई बड़ी जन हानि कारित हो सकती हैं इसलिए यहां अतिरिक्त स्टाफ लगानें की सख्त आवश्यकता है। वही लगातार बारिश के चलते विधालय के मुख्य द्वार के पास एवं मुख्य द्वार के एकदम सामने जो बैठने योग्य कक्ष एवं दीवारें थी वे भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं छतों पर दरारे पड़ गई है तथा दीवारें अपना स्थान छोड़ रही हैं जिससे भवन के कक्षा कक्षों के कभी भी भरभरा कर गिरने की संभावना है तथा वहां अध्यनरत बच्चों के लिए जोखिम पैदा हो सकता हैं विधालय स्टाफ द्वारा इस संबंध में उच्चाधिकारियों को भी अवगत करवाया जा चुका हैं।
अंग्रेंजो के जमाने में बना भवन- कोट का मौहल्ला स्थित स्कूल क्रमांक 2 का भवन अंग्रेजों व रियासत काल से राजा रजवाड़ों से संबंधित है तथा यहा घोड़ों की जात देने की पुतली भी नीम के चबुतरे के पास बनी हुई है आजादी के बाद यहां पर अस्पताल बनाया गया जिसे 70 के दशक में अस्पताल को उपखंड कार्यालय के पास शिफ्ट कर दिया गया तथा वहां संचालित प्राथमिक विद्यालय को कोट का मौहल्ला में शिफ्ट कर दिया गया बाद में इसे उच्च प्राथमिक विद्यालय में क्रमोन्नत कर दिया गया वर्ष 2004 में यहां पर पूर्व विधायक लक्ष्मीनारायण दवे के कोटे से तीन कमरें एवं पूर्व सांसद पुष्प जैन के कोटे से 2 कमरों का निर्माण करवाया गया।
इनका कहना –-श्याम सिंह चौहान सदस्य एस एम सी — विधालय भवन बहुत जर्जर हो चुका है पुराने क्षतिग्रस्त कक्ष किसी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकतें हैं।
विजयसिंह चौहान सीनियर सिटीजन – बहुत पुराना यह विधालय शहर के बीचोंबीच स्थित है कभी यह स्कूल दो पारियों में चलती थी अब इस विधालय की स्थिति जर्जर हो गई हैं क्षतिग्रस्त कमरों व भवन की मरम्मत कर बच्चों को सुरक्षा प्रदान करवाई जाए विधालय में स्टाफ भी लगाया जाए। 2.सवाईराम पंवार अध्यक्ष एस एम सी –स्कूल में स्टाफ की आवश्यकता है विधालय में कुछ समय पहले छात्राओं का टायलेट गिर गया था अब कक्षा कक्ष क्षतिग्रस्त होकर खतरा उत्पन्न कर रहें हैं। बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएं।










