सोजत/ लुंडावास । सोजत सिटी क्षेत्र में शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद देवालयों,पिकनिक स्थलों पर चहल पहल बढ़ गई है खासकर शिवालयों में हर हर बम बम का उद्घोष वातावरण को आध्यात्मिक एवं धर्ममय बना रहा हैं सुखद बारीश से हर चेहरे खिले हुए हैं नदी नालों रपटों बांधों में पानी की कलकल बहने का निनाद मनोरम दृश्य पैदा कर रहा है जोधपुर सोजत मार्ग पर लुंडावास से चामडियाक, मार्ग के बीच स्थित नर्मदेश्वर महादेव मन्दिर में नर्मदा नदी से शिवलिंग लाकर स्थापित किया गया था सावन माह में सोजत सहित विलावास लुण्डावास रुपावास चाडवास चामडियाक आदि गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अभिषेक करने एवं जल चढ़ाने आते है।
सिद्दी बुढ़ायत माता मंदिर परिसर में स्थित इस मन्दिर के बारे में जानकारी देते हुए हितेन्द्र व्यास , जितेन्द्र व्यास एवं माधव शास्त्री बताते है कि पांच सौ साल पहले बने सिद्दी बुढ़ायत माता मंदिर में 18 वर्ष पहले नर्मदा नदी से शिवलिंग लाकर स्थापित किया गया था तथा धुमधाम के साथ शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी।
सावन में यहाँ पर आकर्षक श्रृंगार किया जाता है तथा सुगंधित द्रव्यों, गुलाब पुष्पो इत्र आदि से श्रृंगार किया जाता है एवं दूध, दहीं घृत शहद पंचामृत से महारुद्राभिषेक किया जाता है सावन माह में शिव परिवार के साथ- साथ देवी मां के निज मंदिर एवं गुरु र फूलनारायण महाराज की मूर्ति पर भी आकर्षक श्रृंगार किया जाता है
सावन माह में आस्था एवं श्रद्धा से लबरेज श्रद्धाনু पार्श्व में नाड़ी में खुदे 500 वर्ष पुराने कुंए का पानी टियुबवेल से निकालकर जलाभिषेक करते है तथा यहाँ लगे बिल्व पत्रों को चढ़ाने के साथ साथ मनोकामना पूर्ण करने के लिए नीम के पेड़ के धागा भी बांधते है। शिव परिवार में गणेश कार्तिकेय पार्वती एवं नंदी का भी विशेष श्रृंगार किया जाता है। सावन मास में संपूर्ण परिक्षेत्र भगवान शिव के मधुर भजनों एवं वेद मंत्रों ऋचाओं से गूंज उठते हैं महा आरती के बाद सामूहिक प्रसाद वितरण होता है।










