पाली, राजस्थान (संवाददाता-अजय कुमार जोशी)।
“क़ुबूल है… क़ुबूल है… क़ुबूल है…” — इन शब्दों की गूंज से जब पाली की फिज़ा महकी, तो हर दिल में दुआओं और मोहब्बत की लहर दौड़ गई। पाली ज़िला मुख्यालय की हैदर अली कॉलोनी स्थित ग़रीब नवाज़ तालीमी सोसाइटी के स्कूल प्रांगण में आज मुस्लिम युवा फाउंडेशन समिति की ओर से आयोजित हुआ मुस्लिम इज्तेमाई निकाह ख्वानी का शानदार और ऐतिहासिक आयोजन।
इस मौके पर 25 जोड़ों ने सुन्नत के मुताबिक निकाह पढ़ा और एक-दूसरे को ज़िन्दगी का हमसफ़र स्वीकार किया।
माहौल में दुआओं, बरकत और रूहानी खुशबू का आलम था।
🌿 रूहानी माहौल में सम्पन्न हुआ निकाह-
जयपुर से तशरीफ़ लाए हज़रत सैय्यद साहब ने इस इज्तेमाई निकाह में दूल्हा-दुल्हन को सुन्नत के अनुसार निकाह पढ़ाया। उन्होंने कहा —
“निकाह इस्लाम में अमन और मोहब्बत की राह है,यही सुन्नत-ए-रसूल ﷺ और इंसानियत की असली तालीम है।”
🎖️ मुख्य अतिथि और विशेष मेहमानों की मौजूदगी-
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे पाली विधायक श्री भीमराज भाटी, जबकि अध्यक्षता की मुस्लिम युवा फाउंडेशन के सदर जनाब मेहराज अली चुड़ीघर ने। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे — हकीम भाई (शहर कांग्रेसअध्यक्ष), प्रदीप कुमार हिंगड़ (पूर्व सभापति), हाजी मेहबूब भाई टी (पूर्व शहर अध्यक्ष), पार्षद अकरम भाई खिलेरी,
भाजपा नेता हाजी मोहम्मद रफ़ीक गौरी, डॉ. गौरव कटारिया और सदर अज़ीज़ फौजदार।इन तमाम गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी से आयोजन की शान और बढ़ गई।
“जहां एकता की रौशनी जले, वहीं समाज तरक़्क़ी की मिसाल बनता है।”
🍽️ सादगी और सलीके की मिसाल बनी दावत-ए-निकाह- मुस्लिम घोसी युवा संगठन के पार्षद अकरम खिलेरी ने बताया कि लगभग 5500 मेहमानों के लिए दस्तरख़्वान की व्यवस्था की गई थी, जिसे 200 कार्यकर्ताओं ने पूरे अनुशासन और मोहब्बत से निभाया। औरतों और मर्दों के लिए अलग-अलग दस्तरख़्वान रखे गए — ताकि हर मेहमान को सलीके और एहतराम के साथ सेवा दी जा सके।
“जिसने भूले को खिलाया, वही असली अमीर है,
दस्तरख़्वान पर बैठा हर मेहमान तक़दीर है।
🚓 प्रशासनिक व्यवस्था रही काबिले तारीफ़-
पाली मुस्लिम मुसाफ़िरख़ाना के सदर हाजी मासूम अली अंसारी ने आयोजन स्थल उपलब्ध करवाया।
पुलिस प्रशासन ने ट्रैफ़िक व्यवस्था संभाली,
जबकि नगर निगम प्रशासन ने स्वच्छता, फायर ब्रिगेड और मोबाइल शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की।
💠 सदर मेहराज अली चुड़ीघर का समाज को संदेश-सदर मेहराज अली चुड़ीघर ने कहा —
“यह केवल निकाह नहीं, बल्कि अमन, इंसानियत और समाज की नई शुरुआत है।”
उन्होंने बताया कि मुस्लिम युवा फाउंडेशन की यह तीसरी इज्तेमाई निकाह ख्वानी है,
जो भामाशाहों और समाजसेवियों के सहयोग से सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में बराबरी, एकता और मोहब्बत का पैग़ाम देते हैं।
“जब मोहब्बत का पैग़ाम निकाह से फैले जहां में,
तो समझ लेना कि समाज अब सही राह पर चल पड़ा।”
🎤 अमीर रज़ा ‘हिना नगरी’ ने मंच को रूहानी बनाया-कार्यक्रम का संचालन किया मशहूर आवाज़ के बादशाह अमीर रज़ा ‘हिना नगरी’ ने। उनकी प्यारी, रुहानी और असरदार आवाज़ ने माहौल को दुआओं और मोहब्बत से
भर दिया।श्रोताओं ने उनके संचालन को दिल से सराहा।
🕊️ आयोजन का सामाजिक संदेश-यह आयोजन केवल 25 जोड़ों का निकाह नहीं था, बल्कि समाज के लिए एक पैग़ाम-ए-अमन था — कि एकता, सेवा और सुन्नत पर अमल ही उम्मत की असली तरक़्क़ी की राह है। इज्तेमाई निकाह जैसे आयोजन समाज में बराबरी, भाईचारे और मोहब्बत की नई सोच को जन्म देते हैं ।
“जहां निकाह सुन्नत की रौशनी में होता है, वहीं अमन और इंसानियत की ख़ुशबू फैलती है।”










