सोजत। श्री जैन गौतम आदर्श विद्या मंदिर (उच्च माध्यमिक विद्यालय) सोजत में करुणा इंटरनेशनल क्लब के तत्वावधान में “शाकाहारी व्यंजन प्रतियोगिता” का आयोजन उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। विद्यार्थियों ने सृजनशीलता और परंपरा का सुंदर समन्वय करते हुए अनेक आकर्षक एवं पौष्टिक शाकाहारी व्यंजन तैयार कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता करुणा इंटरनेशनल के शाखा अध्यक्ष हेमंत कुमार सिंघवी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “शाकाहार औषधि के समान है — यह जीवन का आधार और स्वस्थ रहने का मूलमंत्र है।” उन्होंने कहा कि आज पाश्चात्य खानपान की नकल ने अनेक बीमारियों को जन्म दिया है, जबकि भारतीय संस्कृति का शाकाहार स्वास्थ्य और संतुलित जीवन का प्रतीक है।
हेमंत सिंघवी ने विद्यार्थियों से कहा कि कोरोना काल ने सिखाया कि आत्मनिर्भरता और भोजन बनाने की कला जीवन में कितनी आवश्यक है। उन्होंने आह्वान किया कि विद्यार्थी जीवन में संयमित आहार, सकारात्मक सोच और लक्ष्य के प्रति समर्पण को अपनाना चाहिए। मोबाइल और तकनीक का उपयोग सीमित और सार्थक उद्देश्य से ही करें, ताकि जीवन संतुलित और रचनात्मक बन सके।
करुणा इंटरनेशनल के प्रचारक भूपेश चारण ने कहा कि “सभी जीवों के प्रति मैत्री भाव, गुणीजनों के प्रति सम्मान, दुखी जनों के प्रति दया और विपरीत विचारधारा वालों के प्रति मध्यस्थ भाव रखने से ही सच्ची खुशी और शांति प्राप्त की जा सकती है।”
विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रवीण शर्मा ने दीपावली अवकाश के दौरान गृहकार्य को उपयोगी बनाते हुए विद्यार्थियों को समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समय का सदुपयोग कर विद्यार्थी अपने परिवार, समाज और देश का उज्ज्वल भविष्य गढ़ सकते हैं।
प्रतियोगिता में देवेंद्र गहलोत, हर्ष मेवाड़ा, अनमोल राठौड़, कृष्णा, शुभम राठौड़, प्रियंका वैष्णव, राखी राठौड़, अनीता देवासी, निरमा वैष्णव सहित अनेक विद्यार्थियों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया। निर्णायकों ने व्यंजनों का स्वाद लेकर वरिष्ठ व कनिष्ठ वर्ग के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम संचालन एवं व्यवस्था में सुरेंद्र जांगिड़, नरेश बोराणा, महेंद्र कुमार सिंगाड़िया, दीपक देवड़ा, रिंकू मेवाड़ा, निर्मला टांक, रेखा कुमारी, सुनीता परिहार, रसना, रंजना, मंजूलता व्यास, उषा, रामचंद्र, मैना आदि का सराहनीय सहयोग रहा।
संवेदना, संस्कार और स्वास्थ्य का संगम — करुणा इंटरनेशनल के माध्यम से शाकाहार का संदेश विद्यार्थियों तक पहुँचा, जिसने कार्यक्रम को न केवल स्वादिष्ट बल्कि सार्थक भी बना दिया।










