सोजत। संत राजेंद्रगिरी महाराज करेड़ा ने कहा कि नशा नाश की जड़ है, समाजबंधु व्यसन मुक्ति के लिए अभियान चलाकर युवाओं को इस व्यसन से बचाएं। वे रविवार को संत सरगरा समाज छात्रावास में आयोजित बीस एरिया की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि समाज में व्याप्त कुरीतियों का त्याग कर शिक्षा को बढ़ावा देना आवश्यक है। समाजबंधुओं को अच्छे कार्यों के लिए प्रेरित करें। उन्होंने समझाते हुए कहा—“तंदुरे का तार इतना ही कसें कि उसका स्वर मधुर रहे, अधिक कसने पर तार टूट भी सकता है।”
संत राजेंद्रगिरी ने मृत्युभोज, बाल विवाह, धूम्रपान और शराब जैसी कुरीतियों पर विस्तृत प्रकाश डाला।










