*इतिहास रच दिया – दीप विद्या आश्रम जालोरी दरवाजा पाली ने खेल में दिखाया दमखम !*

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पाली।  पाली 69वीं जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता वूशु / ताइक्वांडो (17 वर्ष एवं 19 वर्ष छात्र–छात्रा वर्ग) में दीप विद्या आश्रम जालोरी दरवाजा, पाली ने पहली बार भाग लेकर जिले में सेकेंड स्थान पर अपना कब्जा कर ऐसा इतिहास रचा है जो आने वाले समय में बच्चों को खेल के प्रति प्रेरित करेगा।
विद्यालय की दस बालिकाओं और तीन बालकों ने ताइक्वांडो प्रतियोगिता में अपने कौशल, परिश्रम और आत्मविश्वास से सभी का दिल जीत लिया।

छात्रा वर्ग में शानदार प्रदर्शन-

चार गोल्ड, दो सिल्वर और दो कांस्य पदक जीतकर विद्यालय ने अपनी छाप छोड़ी।
गोल्ड जीतने वाली छात्राओं ने अपने अनुशासन और अभ्यास से यह सिद्ध कर दिया कि सीमित साधनों में भी बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

“जोश में जो दौड़ते हैं, वही इतिहास बनाते हैं,

हार जीत से परे होकर सपनों को सजाते हैं।”

गोल्ड मेडल विजेता छात्राएँ:

1. मिसब्बाह हुसैन

2. इक्तशाम खान

3. आयशा

4. अलीना

सिल्वर मेडल विजेता छात्राएँ:

1. आशमा

2. आश्मा अंसारी

कांस्य पदक विजेता छात्राएँ:-

1. साक्षी बारुपाल

2. फरहा अंसारी

छात्र वर्ग में भी बेहतरीन प्रदर्शन

दो सिल्वर पदक जीतकर छात्र वर्ग ने भी विद्यालय का मान बढ़ाया। खेल के मैदान में जज़्बा और अनुशासन ही सफलता की कुंजी है, और मनन व लोकेश ने इसे प्रमाणित किया।

सिल्वर मेडल विजेता छात्र:-

1. मनन

2. लोकेश

“गोल्ड, सिल्वर, कांस्य तो बहाना है दोस्तों,
असली जीत तो खुद से खुद को मिलाना है दोस्तों।”

इसका श्रेय मुख्य रुप से कोच पाली जिला वूशु सचिव और मुख्य प्रशिक्षक एवम निर्णायक मोहम्मद आसिफ जी को जाता है ।
देखा जाय तो पाली जिले में वूशु खेल को लाने वाले मोहम्मद आसीफ जी है इनकी कार्य शैली की जितनी तारीफ की जाय बहुत कम होगी ।
दिनांक 17/08/2025, प्रातः राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय झूपेलाव सोजत के प्रांगण में मेडल सेरेमनी आयोजित की जाएगी।
सभी बच्चों का स्वागत होगा और उन्हें सम्मानित कर खेल भावना को आगे बढ़ाया जाएगा ।

“खेल का असली मतलब है खुद को पहचानना,
हर कदम पर नये रंगों में खुद को सजाना।
कोच मोहम्मद आसीफ का संदेश प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतियोगियों के लिए

खेल केवल जीतने के लिए नहीं, खुद को निखारने का अवसर है।

अनुशासन, धैर्य, टीम भावना और परिश्रम ही आपको आगे ले जाएगा।

हर प्रयास महत्वपूर्ण है – चाहे पदक मिले या न मिले।

खेल से मानसिक मजबूती, शारीरिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास बढ़ता है।

दीप विद्या आश्रम के बच्चों ने यह साबित कर दिया है कि अवसर मिलते ही प्रतिभा चमक उठती है। आइए, हम सब खेल को जीवन का हिस्सा बनाएं और हार से न डरें!

मोहम्मद आसीफ
पाली जिला वूशु सचिव और मुख्य प्रशिक्षक

Ajay Joshi
Author: Ajay Joshi

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