*पुण्य का पोषण पाप का शोषण का मार्ग पर्युषण पर्व महासती रत्नमाला श्री जी*

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सोजत: अजय कुमार जोशी।✍️ खब़रों पर नज़र सच के साथ 


श्री शांति वर्धमान जैन ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित चातुर्मास -2025
में सोजत नगर स्थित धानमंडी आराधना भवन में चातुर्मार्थ विराजमान प.पू.नीति समुदायवर्ती, प.पू.साध्वी रत्नमाला श्री जी म.सा.ने अष्टाहृनिका व्याख्यान में पर्युषण महापर्व के चौथे दिन के प्रवचन में कल्पसूत्र की महिमा का व दस कल्प का वर्णन हुआ। उन्होंने कहा पुण्य का पोषण और पाप का शोषण करने की अपूर्व शक्ति पर्युषण पर्व में रही हुईं हैं पावन तीर्थो की यात्रा के लिए हमें स्वयं घर छोड़कर जाना पड़ता है,जब कि ये पर्व तो कालक्रम से स्वत: अपने द्वार पर दस्तक देते हुए आते हैं। वे कहते हैं पर्वाधिराज के इन दिनों में विशेषाधिक धर्म आराधना करनी चाहिए..!! इससे पूर्व कल्पसूत्र की पांच वासक्षेप पूजा व अष्टप्रकारी पूजा व सोना-रुपा उछामणी हुई। तत्पश्चात कल्पसूत्र बहोराने व गुरु पूजन किया गया। नवकार मंत्र लिखने की प्रतियोगिता के चार विजेता को पुरस्कृत किया गया। प्रातः विमलनाथ भगवान मंदिर में स्नात्र महोत्सव मनाया गया। इस मौके साध्वी मुक्ति माला श्री जी व साध्वी दिव्य रत्न माला श्री जी ने भी अपने उदगार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर सुरेंद्र मेहता ,संजय संचेती ,नरपत राज मुणोत , अनिल सिंघवी, शांति लाल भंडारी, नरेश ओस्तवाल, नरेंद्र खारीवाल, राहुल लोढ़ा के साथ ही चन्दन बाला महिला मण्डल की उषा सिंघवी , निर्मला सिंघवी ,संगीता भंडारी ,खुश्बू मुणोत , स्वाति कावेड़िया, निर्मला मुणोत ,कंचन बाई सुराणा आदि प्रवचन में श्री संघ के श्रावक-श्राविकाएं सहित काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

Vartmaan Times
Author: Vartmaan Times

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