🌹रघुवर🌹
रघुवर राज रमो मन मोरे,
रघुवर आज रमो मन मोरे।
तन मन तेरो रास रचो है,
प्रणव प्रीत पथ तोरे।।…
सकल जगत की रीत यही है।
स्वारथ कारण प्रीत रही है।
मान महल को मुकट कहातो, ठमक ठोकरा ठेले। रघुवर राज रमो मन मोरे।।
आठ पोर इत ढोल बजे है। चातक चकवा देह तजे है।
नाथ नाव मझधार हमारी, भंवर भवे है घनेरे।
रघुवर राज रमो मन मोरे।।
वन वसुधा इक धार नहीं है। शकुनी का विस्तार यही है।
बसंत बगिया ईश भरोसे, कपट काठ तन डोरे ।
रघुवर राज रमो मन मोरे।।
🌹 बसंत 🌹
प्रभु राम सभी के साथ है।🌹










