*नव पल्लव नव पुष्प खिले हैं, निखिल नाद है छाया,नव वर्ष ईद संग आया*

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नव पल्लव नव पुष्प खिले हैं, निखिल नाद है छाया।
दया धर्म उल्लास लिए ,
नव वर्ष ईद संग आया।।

मनुज मनुज में भेद करें जो, मनुज नहीं कहाते।
समरसता के राही सारे, भारत भू को भाते।।

भोले भाले भटक गये है,
कटे कपट की छाया।
दया धर्म उल्लास लिए, नव वर्ष ईद संग आया।।

माटी ममता एक है सारी,
सकल जगत जन जाने।
वैभव तेरा अमर रहे मां,
ये जीवन आने जाने।।

जंगल से हम दूर चले,
शांति सुख है भाया।
दया धर्म उल्लास लिए,
नव वर्ष ईद ले आया।।

हिंसा की होली हो जाये,
रंगी रब की राहें।
दीप दीवाली ये कहती हैं,
बाट बुहारे बांहें।।

महक रहा मन मधुबन सारा, रंग बसंती छाया।
दया धर्म उल्लास लिए, नव वर्ष ईद संग आया।।
                   🙏शुभकामनाएं
🌹✍️ बसंत कुमार लखावत, सोजत 🌹

Vartmaan Times
Author: Vartmaan Times

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