*वीसोच कॉलेज में गरिमामय वातावरण में मनाया गया बसंत पंचमी पर्व, विद्या की देवी सरस्वती की हुई विधिवत पूजा।*

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

सियाट (सोजत)।
वी सोच कॉलेज, सियाट में माघ शुक्ल पंचमी के पावन अवसर पर बसंत पंचमी का पर्व श्रद्धा, अनुशासन एवं सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। कॉलेज परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं शिक्षकगण की उपस्थिति में विद्या की देवी मां सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना की गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। पूजा-अर्चना के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने मां सरस्वती से विद्या, विवेक एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा अपनी पुस्तकों, कॉपियों एवं पेन की विधिवत पूजा की गई।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने बसंत पंचमी के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बसंत पंचमी देवी सरस्वती की आराधना का विशेष पर्व है, जो ज्ञान, संस्कार एवं ऋतु परिवर्तन का प्रतीक माना जाता है। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी।

इस अवसर पर कॉलेज के निदेशक हेरम्ब भारद्वाज ने कहा कि शिक्षा समाज को सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है तथा ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कॉलेज की प्राचार्या डॉ. वर्षा तिवारी ने विद्यार्थियों को विद्या के साथ संस्कारों के विकास पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही।

कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकगण में मोहम्मद आसिफ, अशोक कुमार, शाहरुख खान, राजेंद्र कुमावत, समरपाल सिंह, निर्मला, विजयेंद्र सिंह, भावना गोराणा, भावना बोराणा एवं उगमराज प्रमुख रूप से शामिल रहे। सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों को आशीर्वचन प्रदान किए।

कार्यक्रम में शामिल विद्यार्थियों में सीमा सीरवी, पायल सांवलोत, यशोदा, उर्मिला रावल, मनमोहन, चंद्र प्रकाश, अशोक सीरवी, खरताराम, कमलेश सीरवी, गौरव, प्रिंस, महीपाल एवं सूर्यप्रकाश प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन बनाए रखा एवं सक्रिय सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम का समापन मां सरस्वती की आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ किया गया। वी सोच कॉलेज, सियाट में आयोजित बसंत पंचमी का यह आयोजन पूर्णतः सफल एवं प्रेरणादायक रहा

MAN MOHAN
Author: MAN MOHAN

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें