पाली/सोजत। मंडियां रोड स्थित भाटी मार्केट क्षेत्र में जैसे ही रात का अंधेरा छाता है, सड़क हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। दिन में सामान्य दिखने वाली यह सड़क रात होते ही भय का केंद्र बन जाती है। इसका प्रमुख कारण है अनियंत्रित रूप से सड़कों पर घूमता अनाथ गोवंश एवं आवारा सांडों का जमावड़ा। रात के समय इस मार्ग से दोपहिया वाहन से गुजरना मानो अपनी जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। कभी अचानक सड़क पर दौड़ता गोवंश, तो कभी सांडों की आपसी लड़ाई—इनके बीच निर्दोष राहगीर फंस जाते हैं। कई बार सांडों की लड़ाई के दौरान घबराया गोवंश सड़कों पर बेकाबू दौड़ता है, जिससे वाहन चालक हादसों का शिकार हो जाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इस क्षेत्र में आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें अनेक लोग घायल हो चुके हैं। हर रात एक नए हादसे का डर लोगों के मन में बना रहता है। यह स्थिति न केवल प्रशासन की लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि गोवंश मालिकों की नैतिक जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े करती है। सड़कों को गौशाला समझकर पशुओं को खुला छोड़ देना आमजन की जान से खिलवाड़ के समान है।
निवासियों का कहना है कि सड़कें आम जनता के आवागमन के लिए हैं, न कि आवारा पशुओं के विचरण के लिए। प्रशासन से मांग की जा रही है कि इस गंभीर समस्या के समाधान हेतु ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं। रात के समय गोवंश को खुला छोड़ने वाले पशु मालिकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा भारी जुर्माना लगाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही पर अंकुश लगाया जा सके। स्थानीय नागरिकों का स्पष्ट कहना है कि अब केवल चेतावनी नहीं, बल्कि सख्त अमल की आवश्यकता है। जब कानून सो जाता है, तब हादसे जाग जाते हैं।
आज सवाल सीधा है—क्या आम आदमी की जान इतनी सस्ती है?
यह आक्रोश नहीं, बल्कि जनता की पीड़ा है, जिस पर तत्काल संज्ञान लेना अत्यंत आवश्यक हो गया है।
न्यूज़ रिपोर्टर – अकरम खान पाली










