जोधपुर। श्रीमाली ब्राह्मण समाज हाउसिंग बोर्ड महिला मंडल द्वारा आयोजित नानी बाई का मायरा का भव्य धार्मिक आयोजन शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के वातावरण में प्रारंभ हुआ। आयोजन की शुरुआत प्रातः मंगल ध्वनि, वैदिक मंत्रोच्चार एवं संकीर्तन के बीच निकाली गई भव्य कलश यात्रा से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, युवाएं एवं समाजजन पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए।
कलश यात्रा हाउसिंग बोर्ड स्थित सामुदायिक भवन से प्रारंभ होकर क्षेत्र के प्रमुख मार्गों से होती हुई पुनः आयोजन स्थल पर पहुंची। पूरे मार्ग में भजन-कीर्तन और जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
नरसीजी की दिव्य लीलाओं से कथा का शुभारंभ
पहले दिन की कथा में कथा व्यास विदुषी नेहा श्रीमाली ने नानी बाई के मायरा प्रसंग की शुरुआत करते हुए नरसी मेहता के जीवन, उनके भक्ति भाव, भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अगाध प्रेम तथा मायरा प्रसंग की ऐतिहासिक एवं धार्मिक पृष्ठभूमि पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नरसीजी की कथा केवल भक्ति की नहीं, बल्कि यह माँ-बेटी के पवित्र रिश्ते, सामाजिक समरसता और भगवान श्रीकृष्ण की कृपा का अनुपम उदाहरण है।
कथा के दौरान श्रद्धालु नरसीजी की लीलाओं के भक्ति रस में डूबे नजर आए। संगीत, कीर्तन एवं श्लोक पाठ से संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो गया। आयोजन स्थल पर की गई पुष्प सज्जा, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था एवं भव्य मंच सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही।
पहले दिन उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब
आयोजन समिति की अध्यक्ष संतोष दवे एवं उपाध्यक्ष शकुंतला जी दवे ने बताया कि तीन दिवसीय नानी बाई का मायरा आयोजन 21 से
23 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान प्रतिदिन धार्मिक कथाएं, भजन-संकीर्तन एवं प्रसादी वितरण के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
पहले दिन बड़ी संख्या में समाजबंधु, महिलाएं एवं युवा वर्ग उपस्थित रहे। हाउसिंग बोर्ड महिला मंडल एवं आयोजन समिति की टीम द्वारा श्रद्धालुओं के स्वागत, बैठने की व्यवस्था एवं अन्य व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया गया। आयोजन स्थल पर पेयजल, प्रसादी एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की गई है।
आगे के दिनों में होंगे प्रमुख प्रसंग
आगामी दिनों में नानी बाई के मायरा प्रसंग अंतर्गत मायरा का निमंत्रण, चमत्कार, कृष्णलीला एवं भव्य मायरा प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया जाएगा। आयोजन का समापन अंतिम दिन महाआरती एवं विशाल भंडारे के साथ किया जाएगा।
नानी बाई का मायरा आयोजन की शुरुआत से ही पूरे क्षेत्र में भक्ति, श्रद्धा और सांस्कृतिक उल्लास का वातावरण बन गया है। समाजजन इसे अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर के रूप में बड़े उत्साह के साथ देख रहे हैं।










