सोजत।
अरावली पर्वत श्रृंखला के संरक्षण एवं बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ भड़की हिंसा को लेकर सोजत की समस्त सामाजिक संस्थाओं के सदस्यों एवं गणमान्य नागरिकों द्वारा शुक्रवार को एकजुट होकर जुलूस निकाला गया। जुलूस के पश्चात द्रौपदी मुर्मू के नाम ज्ञापन उपखंड अधिकारी की अनुपस्थिति में तहसीलदार दिलीप सिंह राठौड़ को सौंपा गया।
ज्ञापन में बताया गया कि 20 दिसंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्णय के बाद राजस्थान में अरावली पर्वत श्रृंखला की लगभग 11 हजार टीलों, टेकरियों एवं पहाड़ियों के अस्तित्व पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। इससे पर्यावरण संतुलन बिगड़ने, प्राकृतिक आपदाओं की संभावना बढ़ने तथा बहुमूल्य जड़ी-बूटियों और जैव विविधता के प्रभावित होने की आशंका है। ज्ञापन के माध्यम से अरावली पर्वत श्रृंखला को पूर्ण संरक्षण प्रदान करने की मांग की गई।
इसके साथ ही ज्ञापन में बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर गहरी चिंता जताई गई। हिंसा की घटनाओं में दीपू दास नामक युवक की हत्या, हिंदू युवतियों के साथ बढ़ती दुष्कर्म की घटनाएं तथा उच्चायुक्त कार्यालय पर पत्थरबाजी जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए भारत सरकार से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाकर कठोर कार्रवाई की मांग की गई, ताकि वहां अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस दौरान वरिष्ठ नागरिक समिति अध्यक्ष सुरेश ओझा, पेंशनर समाज अध्यक्ष लालचंद मोयल, चारण गढ़वी इंटरनेशनल फाउंडेशन सोसियो अध्यक्ष अनोपसिंह लखावत, अभिनव कला मंच अध्यक्ष गोरधन लाल गहलोत, सचिव चेतन व्यास, उपाध्यक्ष श्यामलाल व्यास, भारत विकास परिषद अध्यक्ष देवीलाल सांखला, माली सैनी समाज जिला अध्यक्ष ताराचंद सैनी, शंकरलाल पारीक, नवनीत राय रूचिर, माधव शास्त्री, मदन गहलोत, रामस्वरूप भटनागर, प्रकाश सोनी, लक्ष्मीनारायण जोशी, मनीष राठी, जवरीलाल बौराणा, अर्जुन गहलोत, गगन गहलोत, हितैष चौहान, अशोक सैन, गोविंद सिंह हमीरपुर, भागीरथ पन्नुसा, राज पंवार, साहिल, रतनलाल भाटी, महेश गहलोत, चंपालाल सांखला, भैराराम, लुंबाराम माली समाज चौधरी, पन्नालाल पंवार, श्यामलाल परिहार, रामचंद्र परिहार, हरिकिशन सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
प्रदर्शनकारियों ने दोनों ही विषयों को राष्ट्रहित एवं मानवता से जुड़ा बताते हुए शीघ्र ठोस कार्रवाई की मांग की।










