जोधपुर । जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर के संस्कृत विभाग के शोधछात्र डॉ. सतीश ठाकुर को ‘साइने शाङ्र्गधर संहिता का समालोचनात्मक अध्ययन विषय पर पी.एच.डी. की उपाधि प्रदान की गई। सतीश ने अपना शोधकार्य कला संकाय की पूर्व अधिष्ठाता प्रो. सरोज कौशल के शोधनिर्देशन में सम्पन्न किया।
शाङ्र्गधर संहिता 13वीं सदी का महत्वपूर्ण ग्रंथ है जो आयुर्वेद शास्त्र की लघुत्रयी में पठित है। इसमें नाड़ी विज्ञान, रोग पहचान-गणना औषधियों को ग्रहण, सोधन तथा पंचकर्म का विषद् विवेचन किया गया है।
शोधार्थी इसका विषय विश्लेषन कर अन्य संहिता ग्रंथो से तुलना कर आलोचनों के साथ नूतन प्रतिमानों का अन्वेषण किया। इसलिए यह शोधकार्य महत्वपूर्ण है।










