सोजत सिटी। सोजत शहर में सड़क निर्माण विभाग की कामकाज शैली ने इन दिनों लोगों को चौंका दिया है। शहर के हालात ऐसे हैं कि जहाँ महीनों से सड़कें टूटी हुई हैं और लोग रोज़ाना परेशानी झेल रहे हैं, वहाँ मरम्मत का नामो-निशान तक नहीं दिखता। दूसरी तरफ, जहाँ सड़कें बिल्कुल सही और उपयोग में रहने लायक थीं, वहीं उन मजबूत सड़कों को तोड़कर नया निर्माण शुरू कर दिया गया है!
शहर के बीचों-बीच स्थित वॉटर वर्क्स रोड तो मानो परेशानी का पर्याय बन चुकी है। सड़क पूरी तरह उखड़ी हुई है, जगह-जगह गड्ढे, धूल के गुबार और मौसम बदलते ही कीचड़ का साम्राज्य—लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। स्थानीय नागरिकों ने कई बार शिकायतें कीं, लेकिन विभाग की ओर से आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
दूसरी ओर, शहर के वे इलाके जहाँ सड़कें अच्छी स्थिति में थीं, उन सड़कों पर अचानक जेसीबी और मशीनों का जमावड़ा लग गया। मज़बूत सड़क को तोड़कर नए निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। यही विरोधाभास नागरिकों के बीच नाराज़गी का कारण बन गया है। लोग पूछ रहे हैं— “क्या विभाग की प्राथमिकताएँ उल्टी दिशा में चल रही हैं?” स्थानीय लोगों का कहना है कि जब पूरा शहर टूटी सड़कों से जूझ रहा है, तब मरम्मत का काम रोककर अच्छी सड़कें तोड़ देना समझ से परे है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि— वॉटर वर्क्स ऑफिस रोड, बी.एस.एन.एल रोड इन दोनों को तात्कालिक रूप से सुधारा जाए, साथ ही सड़क निर्माण कार्यों में जवाबदेही, पारदर्शिता और सही प्राथमिकता तय की जाए। शहरवासी उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन इस उलटबांसी व्यवस्था पर ध्यान देगा और सोजत सिटी को टूटी सड़कों की समस्या से जल्द राहत मिलेगी।











