भक्ति, उल्लास और सौहार्द से सराबोर रहा मंदिर परिसर—सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लिया प्रसाद व दर्शन लाभ
सोजत । सोजत शहर के मोदिया मोहल्ले के प्राचीन श्री सीताराम एवं राधा-कृष्ण मंदिर में रविवार को अन्नकूट महोत्सव बड़ी श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा। मंदिर को रंग-बिरंगी झालरों, फूलमालाओं और दीप सज्जा से सुसज्जित किया गया, जिससे वातावरण भक्तिमय और आलोकित हो उठा। सुबह मंदिर पुजारी ने वेद मंत्रोच्चारण के बीच श्री सीतारामजी, माता सीताजी, लक्ष्मणजी, हनुमानजी तथा राधा-कृष्णजी का विशेष श्रृंगार और पूजन-अर्चन किया।तत्पश्चात सैकड़ों प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों — दाल-बाटी, खीर, पूड़ी, मिठाई, फल व प्रसाद — का अन्नकूट भोग अर्पित किया गया।दोपहर बाद मंदिर में महा आरती का आयोजन हुआ। जैसे ही घंटे और शंखनाद गूंजे, पूरा वातावरण “जय श्रीराम” और “राधे कृष्णा” के जयघोष से भर गया। श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर आरती में भाग लिया और दिव्य आनंद का अनुभव कियाआरती उपरांत अन्नकूट प्रसादी का वितरण हुआ जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। महिलाओं ने पारंपरिक पोशाकों में भजन-कीर्तन प्रस्तुत किए, वहीं बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मंचन कर सभी का मन मोह लिया।
अन्नकूट का धार्मिक महत्व:- अन्नकूट पर्व गोवर्धन पूजा के दूसरे दिन मनाया जाता है। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा करने की स्मृति में समर्पित है। इस दिन भक्तजन विविध व्यंजन बनाकर भगवान को अर्पित करते हैं, जो “अन्न ही ब्रह्म है” की भावना का प्रतीक है।
मंदिर का गौरव और समाज का योगदान:- मोदिया मोहल्ला स्थित यह श्री सीताराम मंदिर एवं राधा-कृष्ण मंदिर क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। यहाँ वर्षभर रामनवमी, जन्माष्टमी, सुंदरकांड पाठ, कीर्तन और भजन संध्याएँ आयोजित होती हैं। मंदिर समिति, महिला मंडल एवं स्थानीय भक्तजन हर धार्मिक आयोजन में एकजुट होकर सक्रिय भागीदारी निभाते हैं। मंदिर प्रांगण में सजे फूलों की झांकी, दीपमालिका और श्रृंगारित मूर्तियों के दर्शन ने हर भक्त का मन मोह लिया। भक्तों ने कहा कि अन्नकूट महोत्सव “भक्ति और समाजिक एकता” का अद्भुत संगम है, जो समाज को प्रेम, दान और सेवा का संदेश देता है।
✍️ न्यूज़ रिपोर्टर -अजय कुमार जोशी।










