*जयपुर: अमूल का ग्राहकों को तोहफा! घी, बटर और आइसक्रीम समेत 700 प्रोडक्ट्स हुए सस्ते, जानें नई कीमतें*

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जयपुर: गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन ने शनिवार को अपने अमूल ब्रांड के तहत बेचे जाने वाले 700 से ज्यादा उत्पादों के खुदरा दामों में बदलाव की घोषणा की। यह कदम ग्राहकों को ‘जीएसटी 2.0 का पूरा लाभ’ पहुंचाने के मकसद से उठाया गया है। जानकारी के मुताबिक, अमूल आइसक्रीम और चॉकलेट्स, बटर, चीज और पनीर की रेंज में सबसे ज्यादा कटौती देखने को मिल सकती है। इसके अलावा फेडरेशन ने उपभोक्ताओं के लिए एक पोर्टल भी बनाया है जहां वे अमूल के प्रोडक्ट्स की नई कीमतें चेक कर सकते हैं।GCMMF ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि नई प्राइस लिस्ट 22 सितंबर से लागू होगी। जिसके बाद आइसक्रीम और अन्य दुग्ध उत्पादों की कीमतों में बड़ी कमी आएगी।

अमूल आइसक्रीम और बटर सस्ते:-

अमूल का 1 लीटर आइसक्रीम टब, जिसकी कीमत पहले 195 रुपये थी, वह अब 180 रुपये में मिलेगा। वहीं 150 ग्राम अमूल डार्क और मिल्क चॉकलेट्स बार अब 200 रुपये की बजाय 180 रुपये में उपलब्ध होगी। क्योंकि इन सभी उत्पादों पर जीएसटी 18% से घटाकर 5% कर दिया गया है। इसी तरह, 500 ग्राम अमूल बटर की कीमत 305 रुपये से घटकर 285 रुपये हो जाएगी और 5 लीटर घी अब 3,275 की बजाय 3,075 रुपये में मिलेगा। क्योंकि इन पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है। अमूल पनीर रेंज पर अब जीएसटी पूरी तरह हटा दिया गया है जिससे यह 5% सस्ता हो जाएगा। उदाहरण के तौर पर, 1 किलो अमूल मलाई पनीर 15 रुपये सस्ता हो जाएगा। अमूल चीज ब्लॉक (1 किलो) की कीमत में भी 30 रुपये की कमी होगी। मार्केटिंग फेडरेशन ने कहा कि अमूल ने पहले ही अपने व्यापारिक साझेदारों- जैसे डिस्ट्रीब्यूटर्स, अमूल पार्लर और देशभर के रिटेलर्स को नई कीमतों की जानकारी देना शुरू कर दिया है।

आइसक्रीम, चीज़ और मक्खन की खपत को बढ़ावा:-

जीसीएमएमएफ (GCMMF) ने अपने बयान में कहा, “यह बदलाव मक्खन, घी, UHT दूध, आइसक्रीम, चीज़, पनीर, चॉकलेट्स, बेकरी रेंज, फ्रोज़न डेयरी और पोटैटो स्नैक्स, कंडेंस्ड मिल्क, पीनट स्प्रेड, माल्ट बेस्ड ड्रिंक आदि जैसे उत्पादों की पूरी रेंज पर लागू होगा। अमूल, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करता है कि उन्होंने राष्ट्र के लिए पोषण को और अधिक सुलभ और किफायती बनाया।” बयान में आगे कहा गया, “36 लाख किसानों के स्वामित्व वाले एक सहकारी संगठन के रूप में अमूल का मानना है कि कीमतों में कमी से डेयरी उत्पादों, खासकर आइसक्रीम, चीज़ और मक्खन की खपत को बढ़ावा मिलेगा क्योंकि भारत में प्रति व्यक्ति खपत अभी भी बहुत कम है जो विकास का एक बड़ा अवसर पैदा करता है। जीएसटी में कटौती से उपभोक्ताओं की आय का अधिक हिस्सा उत्पादक तक पहुंचेगा जिससे उत्पादक और उपभोक्ता दोनों को लाभ होगा।

Ajay Joshi
Author: Ajay Joshi

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