पाली। राजस्थान: नेहरू नगर गार्डन में प्रतिदिन सैर करने वाले वरिष्ठ नागरिकों के एक समूह ने आज नेहरू नगर गार्डन के रखरखाव और अव्यवस्थाओं को लेकर नगर निगम, पाली के आयुक्त को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बगीचे की दुर्दशा पर प्रकाश डाला गया है, जिसे नागरिकों ने ‘उपेक्षित जंगल’ बताया है। नागरिकों का आरोप है कि इस संबंध में कई बार पत्राचार के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ज्ञापन में उल्लिखित प्रमुख समस्याएं:-
पेड़ों की अनियमित छंटाई-: ज्ञापन में बताया गया है कि गार्डन में पेड़ों की छंटाई लंबे समय से नहीं हुई है, जिससे वे असंतुलित हो गए हैं और उनके गिरने का खतरा बना हुआ है, जिससे जान-माल का नुकसान हो सकता है। ज्ञापन में ‘बिपरजॉय’ तूफान का भी उल्लेख किया गया है, जिसके दौरान छंटाई न होने के कारण 7-8 बड़े पेड़ गिर गए थे।
अनियंत्रित झाड़ियाँ: गार्डन में झाड़ियों का अत्यधिक फैलाव हो गया है, खासकर बीच के हिस्से में आक जैसे अवांछित पौधे उग आए हैं, जो गार्डन की सुंदरता और सुरक्षा के लिए खतरा हैं।
स्थायी माली का अभाव: ज्ञापन के अनुसार, गार्डन में कोई स्थायी माली या बागवान नियुक्त नहीं है, जिसके कारण नियमित देखभाल बाधित हो रही है।
खराब प्रकाश व्यवस्था: गार्डन की अधिकांश लाइटें खराब हैं, जिससे शाम के समय टहलने वालों, विशेषकर महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा होता है।
क्षतिग्रस्त ओपन जिम उपकरण: ओपन जिम के उपकरण पूरी तरह से टूट चुके हैं और अब वे केवल बाधा और दुर्घटना का कारण बन रहे हैं।
ज्ञापन में आयुक्त से मौके का तुरंत निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया गया है। वरिष्ठ नागरिक समूह ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे इस मामले को उच्च प्रशासनिक स्तर पर ले जाने को मजबूर होंगे।


ज्ञापन सौंपते समय शांतिलाल गोटावत, सुनील कवाड़, महावीर नाबरिया, भागचंद कातरेला, मीठालाल सुराणा, चेतन सेठिया, विमल चंद शुद्ध सिल्वर, हरि कृष्ण, पारस भाटी, राजेंद्र मोदी, सुनील सुराणा, राजेंद्र धोखा, महेंद्र मेहता, नरेश मेहता, नवीन मेहता, विमल चंद मेहता, ललित मेहता, कमल किशोर चंडालिया सहित कई वरिष्ठ नागरिक मौजूद थे।










