गणेश चतुर्थी का पर्व 10 दिनों तक चलता है और इस दौरान भक्त बप्पा की प्रतिमा को अपने घर में स्थापित करके पूजा-अर्चना करते हैं। इस पर्व का समापन गणेश विसर्जन के साथ होता है। गणेश विसर्जन के दिन भगवान गणेश की प्रतिमा को पूरे सम्मान के साथ विसर्जित किया जाता है।
गणपति विसर्जन तिथि गणेश विसर्जन 6 सितंबर को होगा और इसी दिन अनंत चतुर्दशी भी मनाई जाती है।
गणपति विसर्जन का तरीका:- गणपति विसर्जन के दिन उपवास रखना होता है और अगर आप उपवास ना रख पाएं तो फलाहार करें। घर में स्थापित गणेश की प्रतिमा का विधिवत पूजन करें और प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाते समय अक्षत घर में जरूर बिखेंरे। विसर्जन नंगे पैर करें और विसर्जन के बाद हाथ जोड़कर मंगल कामना करें।
इस दिन मोक्ष की प्राप्ति के लिए भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और इसके लिए अनंत चतुर्दशी का व्रत रखा जाता है। इस व्रत में नमक का सेवन करना बंद है और पारायण में मीठी चीजें खाते हैं। इस दिन गजेन्द्र मोक्ष का पाठ करने से सभी परेशानियों से छूटकारा मिल जाता है।
गणेश विसर्जन में इन बातों का रखें ख्याल,विसर्जन शुभ मुहूर्त में करें-
गणपति की प्रतिमा जल में फेंके नहीं सुरक्षित तरीके से प्रवाहित करें
विसर्जित करते समय भूलकर भी गहरे पानी में न जाएं पूजन सामग्री जल स्रोत में प्रवाहित कर दें। विसर्जन के दिन काले रंग के वस्त्र न धारण करेंगणपति की प्रतिमा का अनादर नहीं करना चाहिए










