*पुरातत्व संरक्षित मोन्यूमेंट होने के बावजूद ऐतिहासिक सोजत दुर्ग की दुर्दशा, जिम्मेदार अभी भी मौन*

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सोजत :28 मार्च2025 , शुक्रवार 

✍️ न्यूज़ रिपोर्टर-अजय कुमार जोशी 

सोजत  का  प्राचीन  ऐतिहासिक  दुर्ग  जो  राजस्थान  स्मारक पूरावशेष ,स्थान तथा प्राचीन वस्तु अधिनियम की धारा 3 के अंतर्गत संरक्षित क्षेत्र घोषित होने के बावजूद विगत 15 वर्षों से एक भी रुपया इसकी मरम्मत एवं संरक्षण पर नहीं लगाया गया है । 

कई अभिलेख व पुरातात्विक सामग्री गायब:-

राजपूताना में विशेष महत्व रखने वाले इसि दुर्ग से आजादी के बाद कई ऐतिहासिक महत्व की सामग्रियां अभिलेख आदि गायब हो चुके हैं , जिनमें ऐतिहासिक तोपें , गोले, रथ के अवशेष, तलवारें ,ढालें,भाले ,तीर,कमान आदि साथ ही बहिया एवं अभिलेख भी गायब हो चुके हैं । कुछ सामग्री बांगड़ म्यूजियम में पाली के पूर्व जिला कलेक्टर नीरज के पवन के हस्तक्षेप के बाद सोजत के ऐतिहासिक दुर्ग में बची हुई पुरातात्विक महत्व की सामग्रियां तोपें आदि पाली बांगड़ म्यूजियम में रख दी गई है जबकि कुछ सामग्री सोजत के माल खाने में रखी गई है ।

दो स्थानों में बड़े-बड़े सुराख :- ऐतिहासिक दुर्ग में वर्तमान समय में प्राचीर पर दो स्थानों पर बड़े-बड़े सुराख बन गए हैं। स्थानीय क्षेत्र वासियों द्वारा बार-बार पुरातत्व विभाग एवं प्रशासन का ध्यान आकर्षित करवाने के बावजूद आज दिन तक इस दुर्ग की सुध नहीं लेने से क्षेत्र वासियों में भयंकर आक्रोश व्याप्त है।

अंग्रेंजी बबूल से अटा पड़ा दुर्ग: – वर्तमान में यह ऐतिहासिक दुर्ग अंग्रेजी बबुल के झाड़ झखाड से अटा पड़ा है बार-बार यहां पर मनरेगा मजदूर लगाकर सफाई करने का उपक्रम भी किया गया है परंतु अंग्रेजी बबुल वैसे के वैसे अभी भी दुर्ग की

प्राचीरों पर लगे हुए हैं तथा इस क्षेत्र में सांप बिचृछुओं की भरमार हर वक्त नजर आती है।

Vartmaan Times
Author: Vartmaan Times

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