सोजत:26 मार्च 2025, बुधवार
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राजस्थान सरकार के सोजत विधानसभा क्षेत्र के पूर्व काबिना मंत्री लक्ष्मीनारायण दवे ने प्रातः स्मरणीय महाराणा प्रताप,छत्रपति शिवाजी एवं महान योद्धा महाराणा सांगा के खिलाफ सपा एवं कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं द्वारा की जा रही अनर्गल टिप्पणियों की कड़े शब्दों में भर्त्सना की हैं दवे ने दिल्ली में महाराणा प्रताप की मूर्ति को क्षतिग्रस्त करने, मेवाड़ महाराणा संग्राम सिंह के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करने एवं महा प्रतापी शासक शिवाजी एवं संभाजी के खिलाफ अत्याचार करने वाले औरंगजेब की महिमा मंडन करने वालों की भर्त्सना की हैं दवै ने अपने निवास में ऐतिहासिक ग्रंथों की लाईब्रेरी से कई इतिहासकारों की पुस्तकों से हवाला देते हुए अभिनव कला मंच सचिव चेतन व्यास के साथ ऐतिहासिक संदर्भ साझा करते हुए दवे ने औरंगजेब विवाद में सपा नेता रामजी लाल सुमन,अबू आजमी एवं अनुराग भदौरिया तथा लेफ्ट के विवेक श्रीवास्तव द्वारा लगातार हिंदु राजाओं को लेकर दुष्प्रचार को पूर्वाग्रह ग्रसित बताया दवे ने कहा शिवाजी एवं महाराणा प्रताप का नैतिक आचरण बहुत महान था उन्होंने दुश्मन के बच्चों एवं महिलाओं के साथ भी आदर्श व्यवहार कर नैतिक प्रतिमान स्थापित किए थे दवे ने मारवाड़ के वीर योद्धा दुर्गादास राठौड़ के नैतिक आचरण का उदाहरण देते हुए कहा कि जब औरंगजेब के बेटे मुहम्मद अकबर को अपने साथ मिलाया तब औरंगजेब के पोते पोती भी दुर्गादास के संरक्षण में थे दुर्गादास ने मुहम्मद अकबर को सुरक्षित दक्षिण में शंभाजी महाराज तक पहुचाया था दुर्गादास ने अपनी ज्यादा तर रणनीति जोधपुर एवं सोजत तथा नागौर के दुर्ग में रहकर बनाई थी। 1704 में मुहम्मद अकबर की मृत्यु के बाद औरंगजेब अपने पोते पोतियों को पाने के लिए तड़प उठा उसने दुर्गादास से अनुनय विनय की तब दुर्गादास ने भारतीय संस्कृति के अनुरूप सम्मान पूर्वक औरंगजेब के पोते पोतियों को औरंगजेब के कैंप तक पहुचाया तब औरंगजेब ने अपने पोते पोतियों को कहा तुम विधर्मियों के यहां रहकर आए हो इसलिए रोज कुरान पढ़ो तब औरंगजेब की पोती ने कहा हम तो मारवाड़ में भी रोज कुरान की आयतें पढ़ा करतें थे तब औरंगजेब का मुंह खुला का खुला रह गया उसने दुर्गादास राठौड़ को साक्षात देवदूत माना दर असल वीर दुर्गादास राठौड़ ने एक मुस्लिम महिला को औरंगजेब के पोते पोतियों को कुरान पढ़ाने एवं शिक्षा देने के लिए नियुक्त कर रखा था ।










