*वी सोच कॉलेज, सियाट (सोजत) में श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया बसंत पंचमी का पावन पर्व*

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सियाट (सोजत)।
वी सोच कॉलेज, सियाट में बसंत पंचमी का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा, उल्लास एवं सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। यह आयोजन कॉलेज परिसर में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करना रहा, बल्कि विद्यार्थियों में शिक्षा, संस्कृति एवं भारतीय परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना को और अधिक मजबूत करना भी रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः मां सरस्वती की वंदना से हुई। विद्या की देवी मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर कॉलेज परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया। पीले वस्त्रों, पुष्पों एवं सजावट ने पूरे परिसर को बसंत के रंग में रंग दिया।

बसंत पंचमी का धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बसंत पंचमी के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि बसंत पंचमी का पर्व देवी सरस्वती की आराधना के लिए मनाया जाता है। मां सरस्वती को ज्ञान, बुद्धि, विद्या, संगीत एवं कला की देवी माना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन देवी सरस्वती का प्राकट्य हुआ था, इसलिए विद्यार्थी इस दिन अपनी अध्ययन सामग्री की पूजा कर विद्या प्राप्ति का आशीर्वाद लेते हैं।

शिक्षकों ने बताया कि बसंत पंचमी माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। यह पर्व ऋतु परिवर्तन का प्रतीक है, जब शीत ऋतु के बाद बसंत ऋतु का आगमन होता है। प्रकृति में हरियाली, पीले फूल एवं नई ऊर्जा दिखाई देती है, जो जीवन में सकारात्मकता एवं नई शुरुआत का संदेश देती है।

विद्यार्थियों द्वारा पुस्तक-कलम की पूजा

इस अवसर पर कॉलेज के विद्यार्थियों ने अपनी पेन, कॉपी एवं पुस्तकों की विधिवत पूजा की। विद्यार्थियों ने मां सरस्वती से विद्या, विवेक एवं सफलता का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना की। यह दृश्य अत्यंत भावुक एवं प्रेरणादायक रहा, जब छात्र-छात्राएं पूरी श्रद्धा के साथ अपने अध्ययन साधनों को मां सरस्वती के चरणों में अर्पित करते नजर आए।

विद्यार्थियों ने बताया कि बसंत पंचमी केवल एक पर्व नहीं है, बल्कि यह उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार एवं समर्पित रहने की प्रेरणा देता है। विद्या के प्रति सम्मान एवं गुरु के प्रति आदर भाव इस पर्व का मुख्य संदेश है।

शिक्षकों के विचार

कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकगण ने अपने विचार एवं अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किए। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन मूल्यों, संस्कारों एवं नैतिकता का विकास भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बसंत पंचमी जैसे पर्व विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हैं।

शिक्षकों ने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन एवं सकारात्मक सोच अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मां सरस्वती की सच्ची आराधना तभी सफल होती है जब विद्यार्थी अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें।

अतिथियों का संबोधन

इस अवसर पर वी सोच कॉलेज के निदेशक हेरम्ब भारद्वाज ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा समाज को आगे बढ़ाने का सबसे सशक्त माध्यम है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कॉलेज की प्राचार्या डॉ. वर्षा तिवारी ने बसंत पंचमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्या के साथ-साथ संस्कारों का विकास भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर ज्ञान अर्जन एवं आत्मविकास की राह पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

उपस्थित शिक्षकगण

कार्यक्रम में मोहम्मद आसिफ, अशोक कुमार, शाहरुख खान, राजेंद्र कुमावत, समरपाल सिंह, निर्मला, विजयेंद्र सिंह, भावना गोराणा, भावना बोराणा एवं उगमराज प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों को आशीर्वचन प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

छात्र-छात्राओं की सहभागिता

कार्यक्रम में सीमा सीरवी, पायल सावलोत, यशोदा, उर्मिला रावल, मनमोहन, चंद्र प्रकाश, अशोक सीरवी, खरताराम, कमलेश सीरवी, गौरव, सप्रस, महीपाल एवं सूर्यप्रकाश सहित अनेक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन एवं श्रद्धा बनाए रखी।

सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजने का प्रयास

इस आयोजन के माध्यम से वी सोच कॉलेज ने यह संदेश दिया कि शिक्षा संस्थान केवल शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा एवं नैतिक मूल्यों को सहेजने का कार्य भी करना चाहिए। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में सहायक सिद्ध होते हैं।

कार्यक्रम का समापन मां सरस्वती की आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ। अंत में सभी ने मां सरस्वती से विद्या, विवेक एवं सद्बुद्धि की कामना की। सियाट (सोजत) में आयोजित बसंत पंचमी का यह आयोजन पूरी तरह सफल एवं प्रेरणादायक रहा और कॉलेज प्रशासन, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों के संयुक्त प्रयास से यह कार्यक्रम यादगार बन गया।

MAN MOHAN
Author: MAN MOHAN

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