*जनकवि कैलाशदान चारण को रचनाकारों ने किया श्रद्धा से याद, कलजुग में चालै रै भाया भगवान भगवान भरोसे गाड़ी*…

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सोजत। हिंदी व राजस्थानी भाषा के ख्यातनाम साहित्यकार जनकवि कैलाशदान चारण के असामयिक निधन पर सोमवार सायं स्थानीय केरिया जी बास स्थित शारदा विद्या पीठ में रुचिर विद्या साहित्य समिति के तत्वावधान में शोक सभा आयोजित कर रचनाकारों ने उन्हें श्रद्धा से याद कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए साहित्य साधना समिति पाली के अधिकारी वरिष्ठ साहित्यकार देवराज शर्मा ने कहा कि जनकवि कैलाशदान चारण कालजयी रचनाकार थे । वे अपनी रचनाओं के माध्यम से अमर रहेंगे । वरिष्ठ नागरिक समिति के अध्यक्ष सुरेशचंद्र ओझा ने चारण को हास्य व्यंग का बेजोड़ कवि बताया । अभिनव कला मंच के सचिव चेतन व्यास ने उन्हें जन जन के प्रेरक लेखक की संज्ञा दी । वरिष्ठ साहित्यकार वीरेंद्र लखावत ने जनकवि चारण को समर्पित मर्सिए पढ़ उनके साथ बिताए संस्मरणों को सुनाकर श्रद्धांजलि दी । संस्थाध्यक्ष शिक्षाविद् बसंत लखावत ने चारण के देहावसान को समाज व साहित्य जगत की अपूरणीय क्षति बताया । कवि विशनसिंह भाटी मेव ने कहा कि कवि चारण ने अपने लेखन के माध्यम से पाली जिले को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलवायी । कवि नवनीत राय ‘रुचिर’ ने स्व. चारण की “कलजुग में चालै रै भाया भगवान भरोसे गाड़ी…” , “क्यूं जावे हरिद्वार अर क्यूं जावे पुष्कर भला आदमी पैला थारा मां – बाप ने खुश कर…” जैसी प्रतिनिधि रचनाओं का जिक्रकर उन्हें अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए ।

इस अवसर पर पेंशनर समाज पाली के प्रमुख लखपतराज सिंघवी , राजपब्लिक स्कूल के निदेशक किशनाराम चौधरी , कवि मोहनसिंह लखावत , व्यंग्यकार उमाशंकर द्विवेदी , गीतकार दलपत पेंटर , शिक्षक कल्याणसिंह लखावत , कवि नत्थाराम प्रजापत , बैंक अधिकारी  हितेंद्र व्यास , समाजसेवी  ब्रह्मप्रकाश मूंदड़ा , व्यवसायी जितेंद्र गुप्ता , शारदा विद्या पीठ के प्रधानाचार्य विश्वनाथ लखावत ने भी जनकवि कैलाशदान चारण के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए भावांजलि दी । श्रद्धांजलि सभा में समाजसेवी गोरधनलाल गहलोत , सेवानिवृत्त शिक्षक श्यामलाल त्रिवेदी , ओमप्रकाश मोहिल , बैंक अधिकारी सत्यनारायण गोयल , सी ए धीरेन्द्र व्यास , पत्रकार हरीश गहलोत , मनोहर सिंह राजपुरोहित , श्रवणसिंह लखावत , नाकोडा स्कूल के प्रबंधक अमित सिंघवी सहित स्व. चारण के परिवार से गोविन्दसिंह लखावत , कैलाशदान सादूं , तेजसिंह खिड़िया , लेखराजसिंह खिड़िया , ओंकारसिंह सांदू , घनश्याम राठौड़ , हितेश राठौड़ आदि ने भी उन्हें श्रद्धा से याद किया ।

कार्यक्रम के आरंभ में जनकवि चारण की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की गई वहीं अंत में दो मिनट का मौन रख शांति पाठ किया गया । संस्था सचिव व कार्यक्रम का संयोजक कवि नवनीत राय ‘रुचिर’ ने संचालन किया ।

✍️संवाददाता -अजय कुमार जोशी 

Ajay Joshi
Author: Ajay Joshi

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