*”सोजत दुर्ग की दीवारें गिर रहीं, संवेदनहीनता से मिट रहा इतिहास”*

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सोजत 31 जुलाई 2025, शुक्रवार

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सोजत: अजय कुमार जोशी। सोजत सिटी में वर्तमान में सरकारी भवनों आंगनवाड़ी केन्द्रों, स्कूलों के जर्जर अवस्था में भवनों के गिरने, छतों के टपकने,प्लास्टर के उखड़ने का सिलसिला जारी रहने से संपूर्ण प्रशासन अपने पांवों पर खड़ा हो गया है। लेकिन चिराग तले अंधेरें वाली कहावत सोजत फोर्ट “दुर्ग” चरितार्थ कर रहा है दो बड़े बड़े सुराखों एवं खिसकती चट्टानों के बावजूद जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर आकृष्ट नही हो रहा हैं शायद यहां पर भी किसी बड़े हादसे के घटित होने का इंतजार है।

▪️ बिना अनुमति के खुर्द बुर्द:- इस ऐतिहासिक दुर्ग में बिना अधिकृत अथॉरिटी की अनुमति के पाईप लाईन डालने के लिए फोर्ट की दीवारो में छेद कर पानी के बड़े बड़े पाईप डाल दिए गए यही नहीं दुर्ग में पानी की टंकी भी बना दी गई। सोजत का प्राचीन ऐतिहासिक दुर्ग जो राजस्थान स्मारक पूरावशेष ,स्थान तथा प्राचीन वस्तु अधिनियम की धारा -3 के अंतर्गत संरक्षित क्षेत्र घोषित होने के बावजूद विगत 15 वर्षों से एक भी रुपया इसकी मरम्मत एवं संरक्षण पर नहीं लगाया गया है ।

▪️कई अभिलेख व पुरातात्विक सामग्री गायब- राजपूताना में विशेष महत्व रखने वाले इसि दुर्ग से आजादी के बाद कई ऐतिहासिक महत्व की सामग्रियां अभिलेख आदि गायब हो चुके हैं,जिनमें ऐतिहासिक तोपें , गोले, रथ के अवशेष, तलवारें ,ढालें,भाले ,तीर,कमान आदि साथ ही बहिया एवं अभिलेख भी गायब हो चुके हैं। कुछ सामग्री बांगड़ म्यूजियम में पाली के पूर्व जिला कलेक्टर नीरज के पवन के हस्तक्षेप के बाद सोजत के ऐतिहासिक दुर्ग में बची हुई पुरातात्विक महत्व की सामग्रियां तोपें आदि पाली बांगड़ म्यूजियम में रख दी गई है जबकि कुछ सामग्री सोजत के माल खाने में रखी गई है ।

▪️दो स्थानों में बड़े-बड़े सुराख- ऐतिहासिक दुर्ग में वर्तमान समय में प्राचीर पर दो स्थानों पर बड़े-बड़े सुराख बन गए हैं स्थानीय क्षेत्र वासियों द्वारा बार-बार पुरातत्व विभाग एवं प्रशासन का ध्यान आकर्षित करवाने के बावजूद आज दिन तक इस दुर्ग की सुध नहीं लेने से क्षेत्र वासियों में भयंकर आक्रोश व्याप्त है।

▪️अंग्रेंजी बबूल से अटा पड़ा दुर्ग- वर्तमान में यह ऐतिहासिक दुर्ग अंग्रेजी बबुल के झाड़ झखाड से अटा पड़ा है बार-बार यहां पर मनरेगा मजदूर लगाकर सफाई करने का उपक्रम भी किया गया है परंतु अंग्रेजी बबुल वैसे के वैसे अभी भी दुर्ग की प्राचीरों पर लगे हुए हैं तथा इस क्षेत्र में सांप बिचृछुओं की भरमार हर वक्त नजर आती है।

▪️इनका कहना:- 🎤डाॅ.आनंद भाटी वरिष्ठ अधिवक्ता- राजस्थान में हर जगह कमजोर सरकारी भवन गिर रहें हैं जर्जर हो रहें हैं बारीश के बाद हादसे बढ़ रहें हैं सोजत का विशाल ऐतिहासिक दुर्ग खंडित हो रहा हैं अंदर बड़े बड़े सुराख हो गए हैं, भीतर समाज कल्याण विभाग का अम्बेडकर छात्रावास हैं। जिसमें 45 छात्र अध्ययनरत है नीचे बस्ती है अगर किला ढहता हैं तो हादसे का ज़िम्मेदार कौन होंगा।

🎤 श्याम सिंह चौहान स्थानीय निवासी- किले का टूटा भाग कभी भी गिर सकता है मरम्मत अति आवश्यक है।

🎤विजय सिंह चौहान वरिष्ठ नागरिक- दुर्ग की चट्टानें खिसक रही हैं दीवारों में बड़े बड़े झरोखे बन ग ए हैं बारीश से कभी भी जानमाल का नुकसान हो सकता है।

Ajay Joshi
Author: Ajay Joshi

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