श्रीमाली ब्राह्मण समाज के पुरोधा एवं समाजसेवी राजेंद्र कुमार श्रीमाली (राजू भाई) के आकस्मिक स्वर्गवास से समाज में गहरा शोक व्याप्त है। उनके निधन का समाचार मिलते ही समाजजनों एवं परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई।
मूल रूप से बीकानेर निवासी राजेंद्र कुमार श्रीमाली बीकानेर सहित जोधपुर एवं पाली में अपने सौम्य स्वभाव और सामाजिक सक्रियता के कारण अत्यंत लोकप्रिय थे। वे विनम्र, मृदुभाषी एवं सरल व्यक्तित्व के धनी थे। धार्मिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों से जुड़े रहने के साथ-साथ वे सामाजिक सरोकारों में भी सदैव बढ़-चढ़कर सहयोग करते रहे। समाजसेवा के प्रति उनकी निष्ठा और समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा।
उनके निधन पर श्रीमती कांता, बालकीशन-संतोष, सुरेंद्र-किरण, विजय, लालजी-हेमलता, गौरव-हंसा, प्रियांशु, हिमांशु, दक्ष, संतोष, संदीप, मंजू-राजेश कुमार, अंजु-मनोज कुमार, अजय-ज्योति, श्वेता-पंकज, नीलम-विनोदजी, शिखा-अंगद, शिवानी-भाविक शर्मा, मोनाली, अन्वीक्षा, अक्षत (राम), भव्या, आरोही, विआन, दिव्यांशु, वंश दवे, योगेश जोशी एवं चेतन व्यास सहित समाज के अनेक गणमान्यजनों ने गहरी संवेदना व्यक्त की।
समाज ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।










