पाली। पाली शहर के पुराना बस स्टैंड स्थित मुख्य डाकघर के सामने बनी ठंडे पानी की प्याऊ आज अपने मूल उद्देश्य से भटक चुकी है।
जिस प्याऊ का निर्माण प्यासे राहगीरों को राहत देने के लिए किया गया था, वही प्याऊ आज प्रशासनिक लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बन गई है। कई महीनों से प्याऊ का जल कनेक्शन लगातार लीक हो रहा है। नतीजा यह कि मुख्य सड़क पर दिन-भर पानी फैला रहता है। सड़क पर जलभराव के कारण किचड़ और फिसलन बनी रहती है, जिससे राहगीरों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। बुज़ुर्ग, महिलाएं और बच्चे सबसे अधिक परेशान हैं।
“जिस बूंद से प्यास बुझनी थी मुसाफ़िर की,
वही बूंद आज राह में कांटे बो रही है।”
पानी के फैलाव से केवल आमजन ही नहीं, बल्कि पास के दुकानदार भी परेशान हैं। दुकानों के आगे कीचड़ जमा रहता है, ग्राहक आने से कतराते हैं और व्यापार प्रभावित हो रहा है। सबसे शर्मनाक स्थिति यह है कि प्याऊ तक पहुंचना ही दूभर हो गया है, ऐसे में प्यासा राहगीर चाहकर भी अपनी प्यास नहीं बुझा पा रहा। यह सवाल सीधा-सीधा जिम्मेदार विभागों और नगर प्रशासन से है। क्या महीनों से हो रही यह लीक नजर नहीं आती❓
क्या जनसुविधा से जुड़ा यह स्थान प्रशासन की प्राथमिकता में नहीं है❓
“खामोशी भी गुनाह बन जाती है कभी-कभी,
जब ज़ुल्म लापरवाही का हो और आवाज़ न उठे।”
यह केवल एक लीक कनेक्शन का मामला नहीं, बल्कि संवेदनहीन व्यवस्था का आईना है। अगर समय रहते जल कनेक्शन की मरम्मत, सड़क की सफाई और किचड़ हटाने की कार्रवाई नहीं की गई, तो किसी दिन बड़ा हादसा भी हो सकता है , जिसकी जिम्मेदारी कौन लेगा❓
अब वक्त आ गया है कि संबंधित विभाग नींद से जागे, तुरंत जल कनेक्शन दुरुस्त करवाए, सड़क को सुरक्षित बनाए और प्याऊ को उसके मूल उद्देश्य प्यासे को पानी तक वापस पहुंचाए।
पाली की जनता सवाल कर रही है,
और सवालों का जवाब अब काम से दिया जाना चाहिए,
केवल आश्वासनों से नहीं।










