सोजत: अजय कुमार जोशी। सोजत शहर के गंदे एवं रासायनिक युक्त पानी को बागेलाव नाड़ी में डालकर उसे जहरीला बनाए जाने के विरोध में सोजत नगर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने उपखंड अधिकारी मासिंगा राम जांगिड़ को ज्ञापन सौंपकर अविलंब रोक लगाने की मांग की है।
ज्ञापन में वरिष्ठ नागरिक समिति, पेंशनर समाज, भारत विकास परिषद, अभिनव कला मंच एवं मानव सेवा समिति सहित सामाजिक संगठनों ने बताया कि बागेलाव नाड़ी वर्षों से मूक गौवंश, पशु-पक्षियों के पीने के पानी का प्रमुख स्रोत रही है। विगत कुछ वर्षों से इसमें केमिकल युक्त प्रदूषित पानी डाला जा रहा है, जिससे पशु-पक्षी जहरीला पानी पीने को मजबूर हैं और यह उनके लिए स्लो पॉयजन का कार्य कर रहा है।
सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया कि प्रमुख आस्था स्थलों—सुरेश्वर महादेव मंदिर के पास, संत लिखमीदास जी महाराज स्थल (मेला चौक), माली समाज महादेव मंदिर, ज्योतिबा फुले पार्क व संत प्रतिमा स्थल के आसपास भारी मात्रा में कचरा डाल दिया गया है। इससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं और क्षेत्र में प्रदूषण तेजी से फैल रहा है।
बताया गया कि नाड़ी के पास ही संस्कृत विद्यालय, होम्योपैथिक क्लिनिक एवं केजीबी विद्यालय संचालित हैं, जहां बड़ी संख्या में बच्चे अध्ययनरत हैं। दूषित पानी और बदबूदार वातावरण से बच्चों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। वहीं मेला चौक स्थित संत लिखमीदास जी महाराज के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
36 कौम के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि बागेलाव नाड़ी में गंदा पानी डालना तुरंत बंद किया जाए, आस्था स्थलों एवं पार्कों से कचरा हटाकर शहर से बाहर निस्तारित किया जाए तथा नाड़ी की साफ-सफाई कर गौवंश व जीव-जंतुओं के लिए स्वच्छ जल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।










