सोजत। न्यूज़ रिपोर्टर -अजय कुमार जोशी।
राजस्थान सरकार के पूर्व काबिना मंत्री लक्ष्मीनारायण दवे ने कहा कि वर्तमान समय प्रतिस्पर्धा का युग है और बदलते परिवेश में जमाने के साथ कदम मिलाकर चलना बेहद आवश्यक हो गया है। आधुनिक तकनीक और प्रौद्योगिकी के दौर में श्रीमाली ब्राह्मण समाज के युवाओं को भी अपडेट रहकर अपनी क्षमताओं को मजबूत करना होगा। वे अपने निवास पर पहुंचे श्रीमाली ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधि मंडल से समाज की चुनौतियों, उनके समाधान और आस्था स्थलों के संरक्षण पर चर्चा कर रहे थे।
आस्था स्थलों का संरक्षण समाज की पहचान: त्रिवेदी- इस अवसर पर अपर लोक अभियोजक पंकज त्रिवेदी ने कहा कि श्रीमाली ब्राह्मण समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत सभी के लिए गौरव का विषय है। समाज के आस्था स्थलों का संरक्षण और संवर्धन ही उन्हें स्थायित्व प्रदान करेगा।
आस्था स्थलों को सहेजना समय की आवश्यकता: अनिल ओझा- उद्यमी अनिल ओझा ने कहा कि समाज के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को सहेजकर रखना भविष्य की पीढ़ियों के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आस्था स्थल समाज की पहचान और आस्था का केंद्र हैं, जिनका संरक्षण अनिवार्य है।
सोजत के आस्था स्थलों के विकास पर चर्चा- प्रतिनिधि मंडल का संयोजन कर रहे चेतन व्यास ने पूर्व मंत्री दवे को सोजत स्थित श्रीमाली समाज के आस्था स्थलों पर चल रहे विकास कार्यों की जानकारी दी और आगे के मार्गदर्शन का आग्रह किया। पार्षद जोगेश (लक्की) जोशी ने त्रिवेणी संगम तीर्थ, सुरेश्वर महादेव मंदिर, गुरु फूलनारायण आश्रम एवं बुढ़ायत माता मंदिर के प्रस्तावित और चल रहे विकास कार्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की।
प्रतिनिधि मंडल में शामिल रहे ,इस प्रतिनिधिमंडल में— अपर लोक अभियोजक पंकज त्रिवेदी, पार्षद जोगेश (लक्की) जोशी, धीरेन्द्र व्यास,अनिल ओझा,विनोद श्रीमाली,पुजारी हरीश त्रिवेदी, गोपाल अवस्थी, अजय जोशी इत्यादि श्रीमाली ब्राह्मण समाज के भक्त गण उपस्थित थे।










