आज का दिन सचमुच यादगार है हमारी India women’s national cricket team ने इतिहास रच दिया। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ICC Women’s Cricket World Cup 2025
में खिताब अपने देश के नाम किया और देश के तिरंगे को गर्व से फहराया।
“उनके कदमों से धरती बहे, उनकी आँखों में उम्मीद जली,
हाथों में बल्ला व गेंद, और दिल में देशभक्ति की हलचल थी।”
फाइनल में भारत ने South Africa women’s cricket team को 52 रन से हराया।
टोटल 298/7 रन बनाए।
मंच तैयार था, हमारे नायिकाओं ने दम दिखाया।
मैच के हीरो
Shafali Verma — 87 रन की तूफानी पारी + 2 विकेट्स।
Deepti Sharma — 58 रन + 5 विकेट्स; इस टूर्नामेंट की प्लेयर ऑफ दि टूर्नामेंट रही ।
टीम के अन्य घटक-बल्लेबाज, बॉलर्स और क्षेत्ररक्षक-सभी ने मिलकर परिणाम सुनिश्चित किया।
“नारी जब मैदान पर उतरे, बल्ले की रवानी में आग थी,
हर रन, हर कैच, हर विकेट-में झलकती उसकी शौर्य-राग थी।”
यह पहली बार हुआ कि भारतीय महिला टीम ने इस टूर्नामेंट का खिताब जीता एक ऐतिहासिक क्षण।
इस जीत ने महिलाओं के खेल को एक नया आयाम दिया, यह सिर्फ क्रिकेट नहीं जोश, सामर्थ्य, संकल्प है।
यह संदेश देती है: न सिर्फ बेट और बॉल, बल्कि हौसला और हक़ के लिए खेला गया मैच था।
शफाली वर्मा – 87 रन + 2 विकेट्स।
दीप्ति शर्मा – 58 रन + 5 विकेट्स।
टीम टोटल – 298/7
गेंदबाज़ों और कैच-पकड़ने वालों का समन्वय जीत लाया ।
आक्रमक, क्रांतिकारी बनी यह जीत
इस जीत में सिर्फ रन-विकेट का नहीं, बल्कि मनोबल का संदेश था।
एक-एक wicket, एक-एक catch-से, हमारे आदर्श बन गईं – लड़ने की कला, असंभव को संभव करने की दृढ़ता।
यह जीत बताती है: जब “नारी शक्ति” मैदान पर उतरती है, तो “भारत की शान” महान बन जाती है।
चाहे खेल हो या जीवन, समर्पण और लगातार मेहनत यही फर्क बनाती है।
सामाजिक बाधाएँ जितनी हों जब लक्ष्य बुलंद हो, साहस कदम बढ़ाता है।
इस टीम ने हमें दिखाया: अपने सपने को जकड़ो, मैदान हो या घर नारी तुम क्रांतिकारी हो।
“चलो फिर से तिरंगे को ऊँचा करें,
हर नारी के हौसले को बुलंद करें,
क्यों कि जब मैदान पर उतरे वे,
तो भारत की शान भी अनंत हो उठी।”
जय हिन्द ❗ 🇮🇳










