
पाली/सोजत रोड।
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दक्षिण भारत के पल्लावरम (चेन्नई) से पधारे भामाशाह एवं समाजसेवी रणजीतमल मलेचा और धर्मपत्नी श्रीमती आर. बसंता कंवर मलेचा के नेतृत्व में आए 11 सदस्यीय प्रवासी संघ का सुमति विकास संस्था व वीसोच महाविद्यालय परिसर में शनिवार को शाही अंदाज में स्वागत किया गया।
ढोल-नगाड़ों थाली के बीच अतिथियों का कुंकुम-अक्षत तिलक, साफा और मोतियों के हार से अभिनंदन किया गया। इस दौरान संस्था परिसर में सांस्कृतिक उल्लास और धार्मिक सौहार्द का अनूठा संगम दिखाई दिया। प्रवासी संघ में योगेश चोरड़िया, दीपक कोठारी, सरोजा कोठारी, आशा डांगी, विजया नाहर, वनिता चोरड़िया, संजनी, विराट, मेहुल सहित समाजसेवी सदस्य शामिल रहे। प्रवासी दल ने अपनी यात्रा के दौरान जोधपुर में जैन संतो के दर्शन कर, जैतारण मरुधर केसरी दर्शन कर सोनाणा खेतलाजी, अंबाजी मां आदि धार्मिक स्थलों के दर्शन कर राजस्थान की आस्था यात्रा को सफल बनाया।
सुमति विकास संस्था के संरक्षक रणजीतमल मलेचा व योगेश चोरड़िया ने वीसोच महाविद्यालय का निरीक्षण कर छात्रों से संवाद किया। उन्होंने कहा “मानव जीवन तभी सार्थक है जब उसमें परोपकार, सेवा और करुणा का भाव हो। सच्ची संपत्ति धन नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में खुशियाँ बाँटने की क्षमता है। युवाओं को अपने समय और प्रतिभा का एक हिस्सा समाजसेवा, शिक्षा और मानव कल्याण के कार्यों में लगाना चाहिए – यही सच्चा धर्म है।”
रणजीतमल मलेचा ने संस्था द्वारा शुरू किए गए एन.एस.एस(N.S.S).एवं एम.ए. M.A इतिहास / M.A भूगोल और पी.जी. डिप्लोमा इन योगा थैरेपी (योग चिकित्सक) जैसे नवीन पाठ्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के शैक्षणिक नवाचार ग्रामीण विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अवसर प्रदान कर रहे हैं। कॉलेज डायरेक्टर एडवोकेट हेरम्ब भारद्वाज और उनकी टीम की प्रशंसा करते हुए रणजीतमल मलेचा ने कहा- “वीसोच महाविद्यालय शिक्षा के साथ संस्कारों का भी केंद्र बन रहा है, यह समाज के लिए गर्व की बात है।” प्रवासी संघ ने संस्था की सामाजिक गतिविधियाँ- वृक्षारोपण, रक्तदान शिविर, पर्यावरण संरक्षण अभियान, छात्रवृत्ति वितरण — देखी और कहा कि सुमति विकास संस्था केवल शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि समाजसेवा की जीवंत प्रेरणा है।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को राजस्थानी व्यंजन परोसे गए और छात्रों ने लोकगीतों पर मनमोहक प्रस्तुति दी। इस मौके पर स्थानीय गणमान्यजनों, समाजसेवियों और विद्यार्थियों की बड़ी उपस्थिति रही। समारोह के बाद चेन्नई प्रवासी संघ सोनाणा खेतलाजी व अंबाजी माता के दर्शन हेतु रवाना हुआ। ज्ञात रहे कि चेन्नई प्रवासी समाज पिछले कई वर्षों से तिरुपति बालाजी व तिरुअन्नामलाई महादेव की यात्राएँ कर धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का संदेश देता आ रहा है।
✍️ न्यूज़ रिपोर्टर -अजय कुमार जोशी










