*धनवंतरि त्रयोदशी:निरोगी जीवन का पर्व, न कि केवल धन का उत्सव!*

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आज धनवंतरि त्रयोदशी है ‘धन तेरस नहीं। आज धन्वंतरि त्रयोदशी है। सोशल मीडिया पर सब एक दूसरे के लिए ‘धन’तेरस की बधाई देते हुए एक दूसरे की सुख समृद्धि व धन ऐश्वर्य की कामना कर रहे हैं। जबकि ‘धन’तेरस या धन ऐश्वर्य के आने से इस पर्व का कोई संबंध नहीं है। क्योंकि यह आयुर्वेद के महान प्रकांड पंडित ऋषि धनवंतरि की जयंती है। ऋषि धन्वंतरी क्योंकि आयुर्वेद के महान पंडित थे , इसलिए उन्होंने संसार में आरोग्यता पैदा करने के लिए जीवन भर कार्य किया।
कितना अच्छा हो कि हम आज एक दूसरे के निरोग-स्वस्थ रहने की कामना करते हुए धनवंतरि ऋषि के महान पुरुषार्थ को नमन करें और आयुर्वेद के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करते हुए उस के साथ जुड़ने का संकल्प लें।
धनवंतरि त्रयोदशी से बिगड़ कर यह शब्द ‘धन’तेरस हो गया। जिससे हमारे ऋषि का जन्मोत्सव पीछे छूट गया और हम रूढ़िवादी दृष्टिकोण अपनाकर इसे ‘धन’तेरस के रूप में मनाने लगे।
हमारे द्वारा इसे धनवंतरि त्रयोदशी के रूप में मनाने में ही इस पर्व की सार्थकता और वैज्ञानिकता है। इससे न केवल हम अपने ऋषि को विनम्र भावांजलि अर्पित कर सकेंगे बल्कि अपनी महान सांस्कृतिक विरासत के साथ अपने आप को समर्पित होता हुआ भी देखेंगे।
इस पवित्र अवसर पर मैं आप सबके निरोग व स्वस्थ रहने की कामना करता हूं।

Ajay Joshi
Author: Ajay Joshi

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