
पाली। 12 अक्टूबर 2025 को पाली मुस्लिम युवा फाउंडेशन की ओर से तीसरी सामूहिक निकाहख़्वानी का उम्दा आयोजन पाली में होने जा रहा है । इस आयोजन में करीब पच्चीस जोड़े हदीस और सुन्नत के अनुसार निकाह पढ़ेंगे।
“निकाह की खुशबू फैलती है हर दिशा में,
भाईचारे के रंग से सजती है ज़िंदगी में।
जहाँ मिलकर मुस्कानें खिलती हैं चेहरे पर,
वही है इंसानियत की असली निशानी यहाँ।”
फाउंडेशन के सदर मेहराज अली ने बताया कि इस आयोजन से पहले भी दो सामूहिक विवाह सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं। यह तीसरा सामुहिक विवाह मात्र 1/-₹ में होने जा रहा है ।
इस बार का आयोजन और भी खास इसलिए है कि –
“दस्तरख़ान बिछाया है दिलों की मिठास से,
भामाशाहों की मदद ने बढ़ाई है आस।
जब समाज आगे बढ़ता है कदम से कदम मिलाकर,
हर मुश्किल आसान हो जाती है विश्वास से।”
घोसी समाज के भामाशाह युवाओं ने आगे बढ़कर दस्तरख़ान और भोजन की जिम्मेदारी संभाली है ।
प्रशासन और नगर निगम पाली ने भी इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यवस्थाओं में अपनी अहम भूमिका निभाई। मुस्लिम युवा फाउंडेशन पाली की पूरी टीम व्यवस्था और आयोजन को सुचारू रूप से अंजाम देने में जुटी है।
इस पहल का संदेश सिर्फ विवाह तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में एकजुटता, भाईचारा और सामाजिक जागृति को बढ़ावा देने का प्रेरक कदम है।
“मिलकर जब बनता है घराने का बसेरा,
साथ चलना है जब तो मिलता है सहारा।
समाज में ये जोड़ है उम्मीद की रोशनी,
हर दिल में जगाई जाती है नई इब्तिदा का सवेरा।”
इस सामूहिक निकाहख़्वानी का आयोजन समाज में सकारात्मक सोच, भाईचारे और एकजुटता का प्रतीक बन रहा है ।
यह प्रेरणा देता है कि जब समाज के युवा आगे आते हैं, जब भाईचारे की मिसाल पेश की जाती है, तब हर प्रयास सफल होता है और समाज में जागृति और सौहार्द्र का संदेश फैलता है।
✍️ न्यूज़ रिपोर्टर- अजय कुमार जोशी










