बेंगलुरु, कर्नाटक राज्य स्थित वरिष्ठ अध्यापिका, कवयित्री और साहित्यकार पुष्पा त्रिपाठी ने जापान के टोक्यो यूनिवर्सिटी ऑफ सोशल वेलफेयर में आयोजित एशिया पैसेफिक स्कूल साइकोलॉजी एसोसिएशन ने आठवें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उन्होंने इक्कीसवीं सदी के विद्यार्थियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य समर्थन में नवाचार शिक्षण में ‘ एजुकेशनल साइकोलॉजी एंड इट्स इंपोर्टेंस ‘ विषय पर शोध पर प्रस्तुति दी। इस दौरान उन्हें संस्था के अध्यक्ष प्रो. पंच रामलिंगम , टोक्यो यूनिवर्सिटी के चेयरमैन प्रो. एलएम लोपेज़, अध्यक्ष प्रो. जिरो सकाई, पांडिचेरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी प्रकाश बाबू समेत कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियों ने संयुक्त रूप से सम्मानित किया। इस संबंध में पुष्पा त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा में मनोविज्ञान का प्रमुख योगदान है जिसमें छात्रों की रूचियों, व्यक्तिगत भिन्नताओं और सुझाने की विधियों को समझना , पाठ्यक्रम व पाठयपुस्तकों को बाल -केंद्रित बनाना और शिक्षा के लिए वैज्ञानिक आधार प्रदान करना शामिल है। यह सामाजिक चुनौतियों को समझने और उसे हल करने में भी मदद करता जिससे समावेशी और प्रभावी शैक्षिक वातावरण बनता है। जापान सम्मेलन के इसी क्रम में वे अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस ऑन तमिल कल्चर के 51वें समारोह में भी विशेष अतिथि रहीं, जहां उन्हें अंगवस्त्र और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जर्मनी के मावाई सो थांगाराजाह, अरब अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ फलस्तीन के प्रो. वाइल एमएफ अबूहसन तथा एसडीएम एकेडमी के निदेशक डॉ. टी संथानम सहित कई विद्वान मौजूद रहे।











