फिल्म अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा के एक हालिया बयान को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। उपयोगकर्ताओं का कहना है कि जिन लोगों ने कभी अभिनेता को लोकप्रियता के शिखर तक पहुंचाया, वही आज उनके कथित असंवेदनशील वक्तव्य से आहत हैं।
सोशल मीडिया पर प्रसारित चर्चाओं के अनुसार, बांग्लादेश में हिंदू समुदाय से जुड़े कथित हिंसक घटनाक्रमों को लेकर जब अभिनेता से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने इसे “बांग्लादेश का आंतरिक मामला” बताते हुए वहां की अंतरिम व्यवस्था और नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस पर भरोसा जताया। इस टिप्पणी के बाद कई उपयोगकर्ताओं ने अभिनेता की आलोचना करते हुए इसे पीड़ितों के प्रति संवेदनहीन करार दिया।
इसी क्रम में वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बयान पर भी सोशल मीडिया में तीखी बहस छिड़ गई। उनके वक्तव्य को लेकर यूजर्स का कहना है कि सीमा पार की घटनाओं को भारत में होने वाली घटनाओं की “प्रतिक्रिया” बताना अनुचित और भ्रामक है।
विशेषज्ञों और आम नागरिकों की प्रतिक्रियाओं में यह मांग प्रमुख रही कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले व्यक्तियों को अंतरराष्ट्रीय और संवेदनशील मुद्दों पर बयान देते समय संतुलन, तथ्यात्मकता और मानवीय संवेदना का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सोशल मीडिया पर चल रही इस बहस ने एक बार फिर सार्वजनिक वक्तव्यों की जिम्मेदारी और प्रभाव पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए










