पाली। पाली शहर एक बार फिर अपराध की स्याह छाया में घिर गया है। मंथन थियेटर के समीप मुख्य सड़क पर कांग्रेस के पूर्व पार्षद दिलीप ओढ़ पर अज्ञात हमलावरों ने प्राणघातक हमला कर दिया।
हमले में दिलीप ओढ़ के दोनों पैरों में गंभीर चोटें आई हैं, जिससे वे मौके पर ही गिर पड़े। हमलावर घटना को अंजाम देने के बाद उनकी बाइक लेकर फरार हो गए।
जब सड़कों पर डर खुलेआम घूमने लगे,
तो समझ लो कानून कहीं पीछे छूटने लगे…
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से जख्मी पूर्व पार्षद को बांगड़ अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जैसे ही इस वारदात की खबर फैली, अस्पताल परिसर के बाहर पाली शहर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की भारी भीड़ जमा हो गई। गुस्साए लोग तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बांगड़ अस्पताल के बाहर पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है। पुलिस द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है ।
हथियारों से नहीं डरते, डर तो खामोशी से लगता है,
जब जुर्म बोले और इंसाफ चुप रह जाता है…
यह हमला केवल एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि शहर की कानून व्यवस्था पर सीधा सवाल है। मुख्य सड़क पर एक पूर्व जनप्रतिनिधि पर हमला होना यह दर्शाता है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं।
शहरवासी और राजनीतिक कार्यकर्ता एक स्वर में मांग कर रहे हैं कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए, ताकि पाली में भय का माहौल समाप्त हो और आमजन खुद को सुरक्षित महसूस कर सके।
फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी है, वहीं पाली शहर की निगाहें अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
✍️अकरम खान पाली










