*सर्वे के तीन माह बाद भी क्षतिग्रस्त स्कूलों के लिए जारी नहीं हुई निर्माण एवं मरम्मत राशि*

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सोजत :18 दिसम्बर2025 गुरुवार 

✍️खबरों पर नजर सच के साथ 

राजस्थान सरकार द्वारा विगत जुलाई माह में झालावाड़ स्कूल की छत गिरने से बच्चों की मृत्यु के बाद राजस्थान उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीश महेंद्र कुमार गोयल एवं अशोक कुमार जैन की बैंच ने राज्य सरकार को निर्देश दिए थे कि एक माह के भीतर भीतर सर्वे करके क्षति ग्रस्त स्कूलों के कक्षों की सूची एवं छात्रों को उसमें बैठने से रोका जाए इस पर शिक्षा परिषद् सर्वे के बाद ऐसी 3768 स्कूले चिन्हित की गई थी। अगस्त एवं सितम्बर माह के प्रथम पखवाड़े में राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा लिए गए संज्ञान के बाद पाली जिले में भी माननीय न्यायाधीश सहित सार्वजनिक निर्माण विभाग एवं शिक्षा विभाग द्वारा सोजत में भी यह सर्वे किया गया था तथा सोजत में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नेहड़ा बेरा एवं राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नम्बर 2 आदि, स्कूलों को चिन्हित कर इन स्कूलों में नव निर्माण के लिए प्रस्ताव लिया गया था। 2-3 माह बाद भी नहीं हुआ बजट आवंटन -माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बाद 27 सितम्बर 2025 को एक प्रतिनिधि मंडल ने सोजत में 3 विद्यालयों राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नेहड़ा बेरा,नैनावतो का बेरा चौकी दारो की ढाणी तथा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नम्बर 2 का अवलोकन कर रिपोर्ट आगे भेंजी थी। वही जयपुर में आई शिक्षा परिषद् अधिकारी श्रीमतीओम प्रभा ने भी क्षतिग्रस्त स्कूलों का अवलोकन किया था एवं रिपोर्ट भेजी थी।

आखिर कब होगी राशि जारी – माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद राजस्थान प्राथमिक शिक्षा परिषद् समग्र शिक्षा विभाग जयपुर जो इसके लिए वित्तीय राशि भेजता है से आज दिन तक नये निर्माण एवं मरम्मत के लिए राशि जारी नहीं हुई है। शिक्षा विभाग के नार्मस के अनुसार डायस में विधालय की समस्त सूचना मांगी जाती हैं तथा उसके अनुसार ही राशि जारी होती हैं जबकि इस बार आपातकालीन स्थिति में जुलाई माह में प्रचंड बारीश के चलते कई विधालय भवन क्षतिग्रस्त एवं पानी टपकने से कक्षा कक्ष छात्रों के बैठने लायक नहीं बचे तथा संभावित खतरे को देखते हुए उन्हें अन्यत्र शिफ्ट कर दिया गया।

अब मार्च में बजट की आशा  राजस्थान विधानसभा सभा सत्र जल्दी ही आहूत होने वाला हैं एव विधायकों की अनुशंसा पर भी नव निर्माण एवं मरम्मत राशि आवंटित होगी।

इनका क्या कहना-

▪️अशोक सैन पूर्व फौजी- इस बार ज्यादा मानसून की आवक के चलतें कई विधालय भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं शिक्षा के मंदिरों की मरम्मत एवं नवीन कक्ष निर्माण के लिए राज्य सरकार को त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए ।
▪️कैलाश दवे शिवसेना पूर्व संभाग उप प्रमुख – राज्य सरकार बार बार अधिकारियों को भेजकर अवलोकन करवाने की बजाय ठोस कदम उठाते हुए न्यायालय के दिशा निर्देश अनुसार राशि जारी कर धरातल पर कार्य करे।

✍️न्यूज़ रिपोर्टर -अजय कुमार जोशी 

Ajay Joshi
Author: Ajay Joshi

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