
पाली। बढ़ते फास्ट फूड के प्रचलन और उससे होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर बांगड़ अस्पताल के पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. हजारीमल चौधरी ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि “फास्ट फूड तेज स्वाद देता है, लेकिन धीरे-धीरे हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को नष्ट कर देता है।”

स्थानीय सामुदायिक कार्यक्रम में उन्होंने शहरवासियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और विशेष रूप से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान डाॅ. चौधरी ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में युवा पीढ़ी तत्काल मिलने वाले स्वाद और सुविधा को प्राथमिकता दे रही है, लेकिन इसी लत के कारण मोटापा, मधुमेह, ब्लड प्रेशर, पेट की बीमारियाँ और मानसिक तनाव जैसी समस्याएँ तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि फास्ट फूड में अत्यधिक तेल, नमक, शुगर और प्रिज़र्वेटिव होने के कारण शरीर में टॉक्सिन बढ़ते हैं, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है।
डाॅ. चौधरी ने कहा कि “स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए दवा से ज्यादा जरूरी है सही दिनचर्या और संतुलित आहार।”
उन्होंने युवाओं को चेताते हुए कहा कि यदि समय रहते आदतें नहीं बदलीं, तो जीवनशैली आधारित बीमारियाँ आने वाले समय में गंभीर रूप ले सकती हैं।
योग पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने बताया कि प्राणायाम, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, सूर्य नमस्कार जैसे योगाभ्यास न केवल शारीरिक बल बढ़ाते हैं, बल्कि मानसिक तनाव को घटाकर मन को स्थिरता प्रदान करते हैं। उनका कहना था कि “योग कोई व्यायाम भर नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवन को संतुलित करने की कला है।”
उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों और अभिभावकों से आग्रह किया कि घरों में सुबह-सुबह टेलीविजन या मोबाइल के बजाय योग का वातावरण बनाएं। खाद्य पदार्थों में हरी सब्जियाँ, दालें, रेशेदार भोजन, फल और पर्याप्त पानी को नियमित भोजन का हिस्सा बनाने पर बल दिया।
डाॅ. चौधरी ने यह भी कहा कि बच्चों में फास्ट फूड की बढ़ती लत को रोकने के लिए परिवारों को स्वयं पहले आदर्श प्रस्तुत करना होगा।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने यह संदेश देते हुए अपने बयान को समाप्त किया कि “फास्ट फूड का स्वाद कुछ क्षणों का, लेकिन उसका दुष्प्रभाव पूरे जीवन पर भारी पड़ सकता है। योग अपनाएँ, प्रकृति के करीब रहें और अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।”
स्थानीय लोगों ने डाॅ. हजारीमल चौधरी के स्वास्थ्य मार्गदर्शन की सराहना की और नियमित योग तथा संतुलित आहार अपनाने का संकल्प लिया।










