*विशेष गहन पुनरीक्षण में राजस्थान अव्वल: पूर्व काबिना मंत्री लक्ष्मीनारायण दवे की मॉनिटरिंग में भाजपा ने रचा रिकॉर्ड*

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सोजत :23 नवम्बर 2025, रविवार 

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जोधपुर/पाली/ सोजत। राजस्थान में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) एवं मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान में राज्य ने पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। भाजपा संगठन द्वारा इस अभियान की मॉनिटरिंग के लिए नियुक्त पूर्व काबिना मंत्री लक्ष्मीनारायण दवे ने अपनी कार्यकुशलता से इस अभियान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। दवे ने भाजपा कार्यकर्ताओं को डिजिटल प्रक्रिया में सक्रिय करते हुए बीएलओ का कार्यभार काफी हद तक हल्का किया, जिसका प्रत्यक्ष परिणाम है कि प्रदेश ने 12 राज्यों में चल रहे एसआईआर अभियान में प्रथम पायदान हासिल किया।

भाजपा कार्यकर्ता पूरी तरह सक्रिय, दवे की मैराथन बैठकों ने बढ़ाया उत्साह- भाजपा आलाकमान द्वारा सौंपे गए इस महत्वपूर्ण दायित्व पर खरा उतरते हुए दवे अपने सहयोगियों—पूर्व उपाध्यक्ष प्रसन्न मेहता, सांसद प्रतिनिधि राजेन्द्र सिंह, एवं प्रवक्ता अपूर्वा सिंह के साथ लगातार विभिन्न विधानसभाओं में मैराथन बैठकें कर रहे हैं। इन बैठकों में वे कार्यकर्ताओं को एसआईआर में 100% सहयोग देने हेतु प्रेरित कर रहे हैं और नियमित रूप से फीडबैक भी ले रहे हैं।

सोजत विधानसभा ने रचा रिकॉर्ड: 59.95% मतदाताओं का डिजिटलीकरण- दवे ने प्रदेशवासियों एवं बीएलओ की सक्रियता के लिए धन्यवाद देते हुए बताया कि उनके गृह विधानसभा क्षेत्र सोजत ने अभूतपूर्व रिकॉर्ड कायम किया है।
सोजत में नियुक्त 251 प्रशिक्षित बीएलओ द्वारा कुल 2,53,418 मतदाताओं में से 1,51,931 मतदाताओं का डिजिटलीकरण पूरा किया जा चुका है, जो 59.95% है। इसके लिए उन्होंने सोजत चुनाव शाखा का विशेष आभार जताया।

प्रदेशवासियों से अपील: पुरानी मतदाता सूची ऑनलाइन उपलब्ध, मैपिंग कराएँ- दवे ने कहा कि हर मतदाता का नाम 2002 की मतदाता सूची में ऑनलाइन उपलब्ध है। बीएलओ घर-घर जाकर मिलान कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि— नाम न मिलने पर मैपिंग नहीं होगी, लेकिन ऐसे मामले बहुत कम हैं। ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद दावे-आपत्तियाँ ली जाएंगी। दस्तावेज की फोटोकॉपी से बचने के लिए मैपिंग में कवर होना जरूरी है। पुराने ईपिक नंबर या दस्तावेज न होने पर भी चिंता की आवश्यकता नहीं है। अधिकांश दिक्कतें सिर्फ नाम में अंतर की वजह से आती हैं। बीएलओ के माध्यम से फॉर्म जमा करने पर ये समस्याएँ नहीं आएंगी।

एसआईआर कार्यक्रम की प्रमुख तिथियाँ-

4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 — घर-घर गणना एवं सत्यापन

9 दिसंबर 2025 — ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन

9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 दावे एवं आपत्तियाँ

7 फरवरी 2026 — अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन

12 राज्यों में सबसे आगे राजस्थान- चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 12 राज्यों में चल रहे एसआईआर कार्यक्रम में राजस्थान पहले स्थान पर है।
अब तक 2.96 करोड़ गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है, जो देश में सबसे अधिक है।

✍️न्यूज़ रिपोर्टर -अजय कुमार जोशी 

Ajay Joshi
Author: Ajay Joshi

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