*सेवा, शिक्षा और संस्कृति की नई क्रांति — समाज सेवा फेडरेशन ऑफ़ इंडिया की प्रांतीय बैठक*

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पाली। समाज सेवा फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (SKFI) की प्रांतीय बैठक वीसोच महाविद्यालय में प्रांतीय अध्यक्ष रामस्वरूप भटनागर की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई, जिसमें सेवा, शिक्षा, संस्कृति, कला, साहित्य और पर्यावरण के क्षेत्र में एक नई दिशा और ऊर्जा देने का संदेश दिया

गया। दीप प्रज्ज्वलन एवं राष्ट्रगान “जन गण मन” के साथ प्रांतीय अध्यक्ष रामस्वरूप भटनागर ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

SKFI, एक राष्ट्रीय संस्था, जिसका मार्गदर्शन राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र बच्चन कर रहे हैं, पूरे भारत में ऐसी प्रतिभाओं को खोजने और आगे लाने का कार्य करती है जिन्हें समाज और राष्ट्र में कोई मंच नहीं मिलता। यही कारण है कि SKFI ‘राष्ट्रीय गौरव, राष्ट्रीय प्रतिभा सम्मान’ पत्रकारिता, समाज सेवा, पर्यावरण, शिक्षा, चिकित्सा, कला, संस्कृति के संरक्षण, भामाशाह, साहित्यकार आदि के क्षेत्रों में प्रदान करती है, ताकि ऐसे छिपे हुए हीरों को मान्यता मिल सके जो समाज और संस्कृति संरक्षण में अमूल्य योगदान दे रहे हैं।

बैठक में SKFI के उद्देश्य पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें शिक्षा का प्रसार, पर्यावरण संरक्षण, कला-साहित्य का संवर्धन, चिकित्सा, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्वावलंबन और मानवता की सेवा शामिल है। इस अवसर पर सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य पारसमल सिंगाड़िया को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय प्रतिभा सम्मान से सम्मानित किया गया।

पाली जिला मेहंदी एसोसिएशन के अध्यक्ष, सोजत कीड़ा परिषद के सदस्य और भामाशाह समाजसेवी ताराचंद सैनी ने कहा कि “समाज सेवा केवल कार्य नहीं, यह भावना है जो हर दिल को जोड़ती है। SKFI इस दिशा में एक प्रेरणा है और इसकी पहल से समाज की असंख्य प्रतिभाओं को मान्यता मिलती है।” वे अपनी विशिष्ट राजस्थानी वेशभूषा और आकर्षक मूंछों के कारण जनसाधारण में विशेष पहचान रखते हैं और पाली जिले में समाज सेवा, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय गतिविधियों को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।

इस अवसर पर संगीतज्ञ व नर्सिंग अधिकारी वीणा गुप्ता ने कहा कि “संगीत और सेवा दोनों मानवता की भाषा हैं।” साहित्यकार, ग़ज़लकार व शायर डॉ. रशीद गौरी ने कहा कि “साहित्य समाज की आत्मा है और इसे संरक्षित करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।”

भामाशाह समाजसेवी करण सिंह ने कहा कि “सेवा और सहयोग समाज की सबसे बड़ी पूंजी हैं।” बैठक में यह निर्णय लिया गया कि शिक्षा, साहित्य, कला, पर्यावरण और मानवता के क्षेत्र में योगदान देने वाले प्रतिभाशाली व्यक्तियों को जोड़ने हेतु सदस्यता अभियान चलाया जाएगा। इस बैठक में रामस्वरूप भटनागर, ताराचंद सैनी, हेरम्ब भारद्वाज, पारसमल सिंगाड़िया, प्रकाश टेलर, करण सिंह मोयल, अजय जोशी, वर्षा तिवारी, मोहम्मद आसिफ, अशोक गहलोत, राजेन्द्र कुमावत, शाहरुख खान, भावना बौराणा, जितेंद्र गर्ग, कुंदन सिंह गुर्जर, उगमराज प्रजापत, अशोक सिरवी, दिलीप कुमार, खरताराम सिरवी, चन्द्रप्रकाश सोनी, देवराज सीमा सीरवी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन “वंदे मातरम्” के सामूहिक गान के साथ हुआ, जिससे परिसर देशभक्ति और समाज सेवा की भावना से गूंज उठा।

Ajay Joshi
Author: Ajay Joshi

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