​अजमेर में 12 करोड़ से बने ताजमहल सहित 7 वंडर्स हुए धराशायी, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चला बुलडोजर

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अजमेर के सेवन वंडर्स को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कोर्ट ने 6 महीने पहले इसे हटाने के आदेश दिए थे, जिसके प्रशासन ने एक प्रतिमा को हटाकर नीचे रखा था। इसके बाद अजमेर विकास प्राधिकरण (ADA) ने इसे हटाने के लिए टेंडर जारी किए, लेकिन एक ही कंपनी के बोली लगाने के कारण उसे निरस्त करना पड़ा। जिला प्रशासन ने कोर्ट में हलफनामा पेश किया था कि 17 सितंबर तक इसे हटा दिया जाएगा। नगर निगम कमिश्नर की ओर से कोर्ट में एफिडेविट पेश किया था, लेकिन कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए इसे स्वीकार नहीं किया था।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा आप की कार्यप्रणाली से ऐसा नहीं लगता कि आप अजमेर को स्मार्ट बनाना चाहते हो। हमें आश्चर्य है कि शहर में जल निकायों आर्द्र भूमि की सुरक्षा के बिना कोई शहर कैसे स्मार्ट बन सकता है। अतिक्रमण करके शहर कैसे स्मार्ट बनाया जा सकता है।
स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत 12 करोड़ रुपए की लागत से सेवन वंडर्स पार्क का निर्माण किया। इस पार्क में दुनिया के सात अजूबों की प्रतिकृतियां स्थापित की गई, जिनमें ताजमहल, पेरिस का एफिल टावर, मिस्र के पिरामिड, पीसा की झुकी हुई मीनार, रोम का कॉलेजियम, न्यूयॉर्क का स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी और रियो डी जेनेरियो की क्राइस्ट दी रिडीमर की प्रतिमा हैं।
आनासागर के आसपास हुए निर्माण को लेकर मास्टर प्लान की अवहेलना करने का आरोप लगाते हुए NGT में याचिका दायर की और याचिका पर एनजीटी ने अगस्त 2023 में निर्माण कार्यों को हटाने के आदेश दिए। इसके बाद ADA सुप्रीम कोर्ट चली गई और कोर्ट ने पूछा एनजीटी के आदेशों की पालना क्यों नहीं की गई। इसके बाद जिला प्रशासन ने निर्माण तोड़ने की कार्रवाई शुरू की थी और 17 सितम्बर तक इसको पूरा करना है।
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Author: Vartmaan Times

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