सोजत: 01अगस्त 2025, शुक्रवार
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व्यक्ति में बसे दुर्गुणों को बाहर निकाल कर सद्गुणों का प्रवेश करने का भाव ही संस्कार है। संस्कारित मानव स्वभाव से विनम्र और दूसरों को आदर व सम्मान देने वाला होता है। यह कथन भारत विकास परिषद द्वारा बिड़ला इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित गुरु वंदन छात्र अभिनंदन कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रांतीय संयोजक संस्कार रामस्वरूप भटनागर ने कहे। उन्होंने कहा कि बच्चे की प्रथम गुरु मां होती है लेकिन उसके

भविष्य की संवारने वाले गुरु ही वंदनीय होते हैं। शाखा संयोजक संस्कार राजनारायण हर्ष ने कहा कि संस्कारित व्यक्ति का आचरण उसकी पहचान बताता है, उसका स्वभाव एवं प्रवृति विशिष्ट होती हे। विद्यालय के निदेशक एवं परिषद के संयोजक पर्यावरण मदन गहलोत ने कहा कि हमारे बच्चे श्रेष्ठ गुरुजनों से शिक्षा प्राप्त कर उच्च पदों पर आसीन है लेकिन उनमें गुरुजनों के प्रति आज भी आदर भाव देखा जा सकता है। भारत को जानो परीक्षा प्रभारी पारसमल सिंगाड़िया ने परीक्षा के बारे में तथा करणसिंह मोयल ने राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता के बारे में जानकारी दी। प्रारंभ में मां भारती, मां शारदे एवं स्वामी जी की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर राष्ट्र गीत वन्देमातरम से कार्यक्रम की शुरुआत की गई तथा प्रधानाचार्य आशा राजपुरोहित एवं मदन गहलोत द्वारा परिषद सदस्यों का अंगवस्त्र पहना कर स्वागत किया गया। इस कार्यक्रम 1452 छात्र छात्राओं की उपस्थित में 27 प्रतिभावान छात्रों को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा 72 गुरुजनों का अभिनंदन करवाया गया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रकाश सोनी ने छात्रों के अनुशासन की तारीफ करते हुए कहा कि नियमित दिन चर्या बनाए रखने के लिए जीवन में अनुशासन का महत्व सर्वोपरि हे। परिषद के शाखा अध्यक्ष देवीलाल सांखला ने छात्रों को अनुशासन में रहने,अपने से बड़ों के प्रति आदर रखने के साथ ही मादक पदार्थों का सेवन जीवन में नहीं करने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में तारकेश्वर मेहता, अंकुर बलाई सहित गुरुजनों के साथ गणमान्य लोग उपस्थित थे। राष्ट्र गान के बाद कार्यक्रम समाप्त किया गया।










