बालिका दिव्या परिहार बनी पर्यावरण, गौसंरक्षण और सामाजिक जागरूकता की मिसाल

सोजत।
आज के दौर में जहां बच्चे प्रायः आधुनिक तकनीक और मनोरंजन तक सीमित रहते हैं, वहीं सोजत की एक नन्ही बालिका अपने सामाजिक सरोकारों और जनजागरण अभियानों से समाज के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है। मोतीचंद सेठिया आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय की कक्षा 6 की छात्रा दिव्या परिहार पुत्री महेन्द्र कुमार परिहार पर्यावरण संरक्षण, गौवंश रक्षा, बालिका शिक्षा, मतदाता जागरूकता, जल एवं विद्युत बचत, स्वच्छता तथा प्रतिबंधित पॉलीथीन के विरुद्ध लगातार जनचेतना का कार्य कर रही हैं।
दिव्या ने विभिन्न सामाजिक विषयों पर लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक आकर्षक स्क्रैप बुक भी तैयार की है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, “स्वच्छ सोजत–स्वस्थ सोजत–सुन्दर सोजत” जैसे संदेशों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य दीपसिंह राजावत के मार्गदर्शन में दिव्या अपनी बहन भूमिका परिहार के साथ-साथ अपने हमउम्र विद्यार्थियों एवं आसपास के नागरिकों को भी पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक कर रही हैं। विशेष रूप से वे लोगों से अपील करती हैं कि सड़क अथवा मोहल्लों में पॉलीथीन एवं प्लास्टिक में खाद्य सामग्री न फेंकें, क्योंकि इससे गौवंश सहित अन्य जीव-जंतुओं के जीवन पर गंभीर संकट उत्पन्न होता है।
दिव्या के इस सराहनीय सामाजिक योगदान को देखते हुए सोजत महोत्सव समिति, वरिष्ठ नागरिक समिति, पेंशनर समाज, भारत विकास परिषद, अभिनव कला मंच सहित अनेक सामाजिक संस्थाओं ने समय-समय पर उनका सम्मान एवं उत्साहवर्धन किया है। उनके कार्यों की सराहना पूर्व कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण दवे, विधायक श्रीमती शोभा चौहान, वरिष्ठ नागरिक समिति अध्यक्ष सुरेश ओझा, पेंशनर समाज अध्यक्ष लालचंद मोयल, चारण गढ़वी इंटरनेशनल फाउंडेशन के चेयरमैन अनोप सिंह लखावत, सोजत सेवा मंडल मंत्री पुष्पतराज मुणोत, अभिनव कला मंच अध्यक्ष गोरधनलाल गहलोत, उपाध्यक्ष श्यामलाल व्यास, सचिव चेतन व्यास, देवीलाल सांखला, ताराचंद सैनी, भाजपा ओबीसी मोर्चा प्रवक्ता राजेश तंवर सहित अनेक गणमान्य नागरिक कर चुके हैं।
दिव्या परिहार अपने साथियों हिमांशु भाटी, दीपिका परिहार एवं शौर्य परिहार के सहयोग से गौसंरक्षण और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता का संदेश भी निरंतर जन-जन तक पहुँचा रही हैं। समाजहित में उनके समर्पण और सेवा भावना को देखते हुए विभिन्न मंचों पर उन्हें सम्मानित भी किया गया है। कम उम्र में सामाजिक उत्तरदायित्व का ऐसा अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत कर रही दिव्या परिहार आज सोजत ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की बालिकाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई हैं।









