सोजत। अजय कुमार जोशी। मेहन्दी नगरी धर्मधरा सोजत के लिए यह अत्यंत गौरवपूर्ण अवसर है कि अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथा वाचक स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज आगामी 12 जनवरी से 18 जनवरी तक पूरप्णेश्वर धाम, सोजत में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के अंतर्गत अपनी मधुर वाणी से ज्ञान की सरस धारा प्रवाहित करेंगे।
कथा व्यास चेतन व्यास ने बताया कि स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज वही संत हैं, जिनके हाथों से अयोध्या में श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान नरेंद्र मोदी ने श्रीरामजी के चरणों का चरणामृत ग्रहण कर अपना उपवास तोड़ा था। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने स्वामीजी के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद भी प्राप्त किया था।
प्रख्यात कथा व्यास का जन्म 25 जनवरी 1949 को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के बेलापुर गांव में एक धार्मिक ब्राह्मण परिवार में किशोर मदनगोपाल व्यास के रूप में हुआ। उन्हें परिवार से धार्मिकता और आध्यात्मिकता की समृद्ध परंपरा विरासत में मिली। प्रारंभिक शिक्षा उन्होंने अपने पैतृक गांव बेलापुर में ही पूर्ण की।
इसके पश्चात वे स्वाध्याय परिवार के संस्थापक पांडुरंग शास्त्री अठावले द्वारा स्थापित तत्वज्ञान विद्यापीठ से जुड़े, जहाँ उनके मार्गदर्शन में दर्शनशास्त्र में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की। आगे वे वेदों, उपनिषदों एवं प्राचीन भारतीय ग्रंथों के गहन अध्ययन हेतु वाराणसी गए और वैदिक विद्वान वेदमूर्ति आचार्य श्री किशोर व्यास के सान्निध्य में ‘दर्शनाचार्य’ की उपाधि अर्जित की।
तमिलनाडु के कांची कामकोटी पीठ के प्रमुख शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती के आशीर्वाद से 30 अप्रैल 2006 को हरिद्वार में गंगा तट पर उन्हें परमहंस संन्यास की दीक्षा प्राप्त हुई। संन्यास से पूर्व वे आचार्य किशोर व्यास के नाम से प्रसिद्ध थे, दीक्षा के पश्चात वे स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज के नाम से विख्यात हुए।
स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष हैं। 22 जनवरी को अयोध्या राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधि-विधान से समस्त अनुष्ठान पूर्ण किए थे, उसी दौरान स्वामीजी ने उन्हें जल पिलाकर उपवास खुलवाया था।
स्वामीजी विगत 60 वर्षों से भगवद् गीता, रामायण, महाभारत, शिव महापुराण सहित अनेक धर्मग्रंथों पर भारत एवं विदेशों में प्रवचन दे रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ओमान, ऑस्ट्रेलिया सहित 10 से अधिक देशों में गीता अध्ययन एवं पाठ संचालित हो रहा है। साथ ही उन्होंने भारत में वेदों के प्रचार-प्रसार हेतु कई वैदिक विद्यालयों की भी स्थापना की है।
12 से 18 जनवरी तक सोजत के पूरप्णेश्वर धाम में होने वाली यह श्रीमद्भागवत कथा श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक चेतना और भक्ति रस का अनुपम संगम सिद्ध होगी।










